जहानाबाद (पीलीभीत)। मायके में रह रही विवाहिता के आत्महत्या करने के मामले में ससुराल वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने पिता से मिली तहरीर पर पति समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
सियाबाड़ी पट्टी गांव निवासी बाबूराम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी यशोदा देवी की शादी अप्रैल 2015 में लालपुर इज्जतनगर (बरेली) के निवासी निर्दोष से हुई थी। दहेज की मांग को लेकर ससुराल वाले यशोदा को प्रताड़ित करने लगे। जनवरी 2016 को ससुराल वाले यशोदा देवी को उसके मायके छोड़ गए। एक साल बाद जनवरी 2017 में यशोदा देवी की तरफ से पति व अन्य ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। भरण पोषण को लेकर परिवार न्यायालय में वाद किया गया। इसमें दस हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता दिए जाने के आदेश किए गए थे। 22 सितंबर 2018 को पीलीभीत परिवार न्यायालय में पति व अन्य ससुराल वाले आए थे। बाहर निकलने के बाद कई लोगों के सामने ससुराल वालों ने यशोदा को साथ रखने और भत्ता देने से इंकार कर दिया था। उसको जहर खाने या फिर ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने की बात कही थी। इसके बाद 22 अक्तूबर को बरेली परिवार न्यायालय में पहुंचने पर भी ससुराल वालों ने उसको आत्महत्या करने के लिए कहा। इसके बाद से यशोदा तनाव में रहती थी। आरोप है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर यशोदा देवी ने 16 जनवरी की रात करीब 9.40 बजे घर से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे लाइन पर जाकर ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। इंस्पेक्टर एसके सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर पति निर्दोष, ससुर ओमप्रकाश, सास मुन्नी देवी, संतोष कुमार और नीतू देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।