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तीन साल पहले भी पूरनपुर की एक छात्रा दिखा चुकी है साहस
क्रासर....
पकड़े गए शोहदे की कोतवाली में ही कर दी थी पिटाई
क्रासर...
वीडियो वायरल होने पर छात्रा की हुई थी सराहना तो दरोगा पर हुई थी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। छेड़छाड़ की घटना को लेकर असहज होने के बजाए छात्रा द्वारा हिम्मत दिखाने का नगर में ये दूसरा मामला है। इससे पहले भी पूरनपुर की एक छात्रा ने शोहदे को सबक सिखाने के लिए बहादुरी दिखाई थी। उसने न सिर्फ सड़क पर बल्कि कोतवाली पहुंचने के बाद भी शोहदे की कोतवाली के भीतर चप्पलों से पिटाई कर डाली थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा की सराहना करने के साथ ही उसका कई संगठनों द्वारा सम्मान किया गया, लेकिन कोतवाली के दरोगा को विभागीय कार्रवाई झेलनी पड़ी थी।
घटना तीन साल पुरानी है। कोतवाली क्षेत्र की एक छात्रा कोचिंग पढ़कर घर लौट रही थी। इस बीच कुर्रैया क्षेत्र के निवासी एक शोहदे ने उस पर फब्तियां कसना शुरू कर दिया था। कोतवाली के पास पहुंचने पर आरोपी द्वारा छेड़छाड़ करते ही छात्रा ने उसको पकड़कर पिटाई कर दी थी। शोर पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़कर कोतवाली ले आई थी। इसके बाद कोतवाली में भी छात्रा ने उसको पुलिस के सामने ही पीटा था। कोतवाली परिसर की ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थी जिसके बाद छात्रा के साहस को तो सभी ने सराहा। छात्रा को कई मंच पर सम्मानित भी किया गया, लेकिन कोतवाली में उस वक्त ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा की लापरवाही मानते हुए उसको सस्पेंड कर दिया गया था। अब सोमवार को हुई घटना ने तीन साल पुरानी घटना को ताजा कर दिया है। हर कोई घटना को पूर्व में हुई घटना से जोड़कर चर्चाएं करता रहा।
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छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं
छात्राओं को शोहदे से डरना नहीं चाहिए, बल्कि साहस दिखाना चाहिए। वह किसी से कमजोर नहीं है। इस तरह की घटनाओं की पुलिस से शिकायत होनी चाहिए, ताकि आरोपियों पर कार्रवाई की जा सके। वहीं 1090, डायल 100 पर तत्काल कॉल लगानी चाहिए। छात्राओं को निर्भीक बनाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में समय-समय पर पुलिस विभाग की ओर से कैंप भी लगाए जाते हैं। - अनुराग दर्शन, सीओ