पीलीभीत। बेरोजगारों को नौकरी दिलाने को लेकर काम कर रही एक प्राइवेट कंपनी के मालिक पर बनारस के युवक से कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर दो माह पूर्व 1.90 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है। दो दिसंबर को पीड़ित युवक ने घटना की शिकायत सुनगढ़ी पुलिस से की, लेकिन अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने जांच के नाम पर मामले को टाल दिया है।
बनारस के निवासी प्रदीप कुमार पुत्र बच्चन सिंह ने बताया कि सुनगढ़ी क्षेत्र के लोहामंडी इलाके में एक चिकित्सक के मकान में एक प्राइवेट कंपनी चलाई जा रही है। करीब दो माह पूर्व कंपनी चला रहे अरविंद नामक युवक से उसकी मुलाकात हुई। उसने बताया कि यह कंपनी लोगों को नौकरी दिलाने का काम करती है। बातों में फंसाकर कंपनी की बनारस के लिए फ्रेंचाइजी देने के नाम पर आरोपी ने उससे 1.90 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद उसको कंपनी के फर्जी होने और कई अन्य लोगों के साथ भी ठगी किए जाने का पता लगा। इस पर पीड़ित ने अपने स्तर से पूरे मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया। बीते दिनों कंपनी के कार्यालय पहुंचने पर वहां पर कोई कर्मचारी तो नहीं मिला लेकिन कई ऐसे फ्लैक्स लगे मिले, जिसमें आरोपी ने पीड़ित की फर्म सिद्धिदात्री मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट का नाम भी लिखवा रखा था। इस पर पीड़ित ने फोन पर संपर्क कर आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे और फ्लैक्स में लिखवाए गए सिद्धिदात्री फर्म का नाम हटाने को कहा। आरोप है कि इस पर आरोपी ने रुपये लौटाने से साफ इंकार कर दिया और दुबारा तगादा करने पर जान से मारने की धमकी दे डाली। दो दिसंबर को सुनगढ़ी थाना पहुंचकर पीड़ित प्रदीप कुुुमार ने नामजद तहरीर देकर पुलिस को दी। एसएचओ सुनगढ़ी मुहम्मद कासिम ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच रुपये के लेन-देन का विवाद है। दोनों आपस में झगड़ते रहते हैं। तहरीर की जांच के लिए कई बार लोहामंडी स्थित कंपनी कार्यालय पर पुलिस को भेजा गया, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। मामले की जांच कराई जा रही है, अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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