पूरनपुर। शेरपुरकलां नयिवासी साजिद हसन की हत्या की गुत्थी सुलझाने को पुलसि ने साढ़े सात महीने बाद कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया, लेकिन फिर भी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। पुलिस का तर्क है कि अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर वरिष्ठ डॉक्टरों की राय लेने और अफसरों के निर्देशानुसार अगली कार्रवाई होगी।
शेरपुरकलां निवासी साजिद हसन 24 नवंबर की शाम को घर से बाइक लेकर घूमने निकला था। रात करीब नौ बजे तक साजिद के घर न लौटने पर उसकी तलाश शुरू की गई। देररात साजिद का शव मोहल्ला इस्लामनगर में एक नाले में पड़ा मिला था। उसकी बाइक साइड में पड़ी थी। मुंह और शरीर पर चोट के निशान थे। उस वक्त साजिद के परिवार वालों ने हादसा माना और शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिवार वालों को सौंप दिया था। कुछ दिन बाद साजिद के परिवार वालों ने अवैध संबंधों में साजिद की हत्या होने की जानकारी पुलिस को दी। रिपोर्ट दर्ज न होने पर कोर्ट की शरण ली गई। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने 30 मई को साजिद के भाई शमशाद की ओर से गांव निवासी अंसार, नूर इस्लाम, जमाल, मंसूर के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की। डीएम के आदेश पर गुरुवार को कब्र से साजिद का शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन उसमें मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। अब हत्याकांड को लेकर पुलिस फिर एक बार फिर उलझ गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साजिद की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा भी प्रिजर्व नहीं किया गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन वरिष्ठ डॉक्टरों से कराया जाएगा। जांच भी की जा रही है।
- केशव कुमार तिवारी, इंस्पेक्टर, पूरनपुर