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चिड़ियादाह गांव के एक खेत में सात गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने के बाद तनाव

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पीलीभीत। शहर से सटे चिड़ियादाह गांव के एक खेत में सात गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने के बाद तनाव के हालात बन गए। खबर मिलने पर तमाम ग्रामीण और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हो गए। लगातार हो रही घटनाओं पर आक्रोश जताते हुए सख्त और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस पर मांस तस्करों से मिलीभगत और गोकशी को लेकर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। सीओ सिटी ने दो थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर बमुश्किल लोगों को शांत कराया। मौके पर भीड़ जमा है। खेत स्वामी से लेकर तस्करों तक की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। इससे तनाव के हालात बने हुए हैं।
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माधोटांडा रोड पर शहर से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर चिड़ियादाह गांव में बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे एक खेत में सात गोवंशीय पशुओं के अवशेष पड़े मिले। मार्ग से गुजर रहे ग्रामीणों ने अवशेष पड़े देखे तो गोकशी का शोर मच गया। कुछ ही देर में हिंदू महासभा के आकाश सक्सेना, विनोद शर्मा, शिवसेना के पंकज शर्मा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंदीप शेरगिल समेत कई कार्यकर्ता पहुंच गए। काफी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए। सूचना मिलने पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, इंस्पेक्टर, कोतवाल और पुलिस बल के साथ पहुंच गए। यहां एकत्र भीड़ ने गोकशी की घटनाओं पर पुलिस से आक्रोश जताया। स्पष्ट कहा कि पुलिस की मिलीभगत से गोकशी हो रही है। अधिकारी इसको लेकर संजीदा नहीं है। उन्होंने मामले में खेत मालिक, गोमांस तस्कर से लेकर घटना में शामिल सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में सीओ ने तीन दिन के भीतर घटना खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इस पर कार्यकर्ता शांत तो हो गए लेकिन खेत मालिक को पकड़ने के बाद ही हटने की बात कह दी। इसे लेकर पुलिस मौके पर तैनात रही। भीड़ को मनाने का सिलसिला खबर लिखे जाने तक जारी था।
गोशाला से तस्करों को गोवंश बेचने का भी लगा आरोप
पुलिस पर यह भी आरोप लगाया गया कि गोशालाओं से तस्करों को गोवंश बेचे जा रहे हैं। योगी सरकार की ओर से गोशालाओं को लेकर भेजे जा रहे रुपयों का बंदरबांट किया जा रहा है। इस बात पर सीवीओ से भी कार्यकर्ता भिड़ गए। सीवीओ से गोशालाओं में मौजूद पशुओं की संख्या पूछी, जिसका जवाब वह नहीं दे सके। इसके बाद उनकी जिम्मेदारी को लेकर भी कार्यकर्ताओं की तीखी बहस हुई।
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भीड़ बार-बार देती रही आंदोलन की चेतावनी
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में घटनाओं को लेकर काफी रोष था। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह यहां तक कह गए कि जितनी गोकशी जिले में अब हो रही है, इतनी पहले कभी नहीं हुई। अधिकारी सिर्फ घटनाओं को दबाने का काम कर रहे हैं। इसको लेकर बार-बार आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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