न्यूरिया (पीलीभीत)। जिले में मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे झोलाछापों के खिलाफ एक तरफ डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है, लेकिन दूसरी तरफ झोलाछाप बेखौफ होकर इलाज के नाम पर मरीजों को मौत बांट रहे हैं। न्यूरिया में खांसी-जुकाम से पीड़ित तीन साल की बच्ची की झोलाछाप के बेटे के इलाज से मौत हो गई। इसकी शिकायत पहले तो पुलिस से की गई, लेकिन बाद में घंटों चली पंचायत में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसके बाद बच्ची के परिजनों ने कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। दोपहर बाद मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने सीएमओ को मौके पर भेजा। सीएमओ ने झोलाछाप के क्लीनिक को सील कर दिया है। वहीं मेडिकल स्टोर का नक्शा न दिखा पाने पर नोटिस दिया गया है। कई दवाओं के सैंपल भी जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। प्रशासन की कार्रवाई से कस्बा न्यूरिया में हड़कंप मचा रहा। कस्बा न्यूरिया के मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी विष्णु मौर्य मजदूरी करते हैं। उनकी तीन वर्षीय पुत्री निवरत को सोमवार को खांसी और जुकाम हो गया था। हालत खराब होने पर रात करीब नौ बजे परिवार वाले मासूम को इलाज के लिए कस्बे के ही एक झोलाछाप के यहां ले गए। झोलाछाप के मौजूद न होने पर उसके बेटे ने बच्ची को देखा और उसकी कान और नाक में कोई दवा डाली। इसके बाद बच्ची की हालत और बिगड़ गई। झोलाछाप के बेटे ने बच्ची को घर ले जाने को कह दिया। परिवार वाले बच्ची को लेकर घर आ रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद पिता ने झोलाछाप के बेटे को बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस से लिखित शिकायत की। दूसरे दिन मंगलवार को दिन भर दोनों पक्षों के बीच पंचायत होती रही। कई घंटे चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई और परिजनों कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कर दिया। तहसील दिवस की कार्रवाई निपटने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने घटना का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर सीएमओ डॉ.सीमा अग्रवाल, ड्रग इंस्पेक्टर बबिता रानी, नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर न्यूरिया शहरोज अनवर, सीएचसी न्यूरिया प्रभारी डॉ.एएच अंसारी टीम के साथ पहुंचे। झोलाछाप और उसका बेटा क्लीनिक पर नहीं मिले। टीम ने वहां पर पड़ताल की तो इलाज से जुड़ा तमाम सामान मिला। सीएमओ ने क्लीनिक सील कर दिया। वहां स्थित मेडिकल स्टोर पर भी टीम पहुंची। यहां दवाओं के सैंपल जांच के लिए जुटाए। मेडिकल स्टोर संचालक नक्शा नहीं दिखा सके। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनको नोटिस देकर जवाब मांगा है। सीएचसी न्यूरिया के प्रभारी को सीएमओ ने बच्ची की मौत को लेकर गहनता से जांच के निर्देश दिए। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द झोलाछाप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
बच्ची के पिता से शिकायत मिली थी। इसमें गलत इलाज से मौत का आरोप लगाया गया था। बाद में दोनों पक्षों में सुलह हो गई और परिवार ने कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया। इस पर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप गलत हैं। - शहरोज अनवर, इंस्पेक्टर न्यूरिया
डीएम से निर्देश मिलने के बाद टीम के साथ न्यूरिया जाकर जांच की गई है। क्लीनिक अवैध तरीके से संचालित हो रहा था, इसलिए उसको सील कर दिया गया है। मेडिकल स्टोर को लेकर भी नोटिस दिया गया है। कुछ दवाओं के सैंपल भी टीम ने एकत्र किए हैं। मामले की जांच कराई जा रही है, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ