पीलीभीत। माह के तीसरे शनिवार को जिले के समस्त थानों में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें सुबह से ही राजस्व टीम के साथ पुलिस जनसुनवाई में जुटी रही। कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण भी किया गया।
सुनगढ़ी थाने में इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह, नरेश पाल सिंह ने फरियादियों को सुना। अधिकांश शिकायतें जमीन संबंधी विवाद की होने के कारण उनका मौके पर निपटारा नहीं हो सका। उनके लिए राजस्व और पुलिस की टीम गठित की गई। एसपी मनोज कुमार सोनकर भी सुनगढ़ी थाने पहुंचे और फरियादियों की समस्याओं को सुनकर निस्तारण का प्रयास किया। इसके बाद वह माधोटांडा थाने में सुनवाई करने पहुंचे।
इधर, सदर कोतवाली में एसडीएम सदर वंदना त्रिवेदी, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, कोतवाल एसके उपाध्याय, इंस्पेक्टर क्राइम अजब सिंह ने फरियादियों को सुना। यहां कोई लिखित शिकायत तो नहीं आई, लेकिन मौखिक तौर पर अपनी समस्या का समाधान पाने के लिए कई लोग पहुंचे। इसमें दो मामलों ने पुलिस को उलझाकर रख दिया। एक मामले में पिता-पुत्र के बीच चल रहे बंटवारे के विवाद को निपटाने में पुलिस को काफी जुगत भिड़ानी पड़ी। इसमें कई बार सुलह के आसार भी बने, लेकिन सास-बहू के आमने-सामने आने पर बात बिगड़ गई। हालांकि बाद में उनके बीच समझौता हो गया। इसके बाद आए एक मामले ने अफसरों के पसीने छुड़ा दिए।
एक महिला ने अपने पति पर मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उधर, दूसरे पक्ष से पति के समर्थन में उसके बच्चे आ गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को सुना तो मामला पति, पत्नी और वो के चक्कर से जुड़ा निकला। पति और बच्चों ने महिला के एक युवक से प्रेम संबंध होने का आरोप लगाते हुए इसी को झगड़े की वजह बताया। उधर, महिला ने इन आरोपों को निराधार बताया। पुलिस ने दोनों को समझाकर साथ रहने की बात कही, लेकिन पुलिस के सामने ही दोनों एक-दूसरे से भिड़ते रहे। मां-बेटी में तीखी बहस होती रही। इसके बाद मामले को परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई के लिए भेज दिया गया।