करेली (पीलीभीत)। पर्यावरण को बचाने के लिए एक तरफ जहां शासन, प्रशासन स्तर पर हर वर्ष मुहिम चलाकर पौध रोपण किया जा रहा है। वहीं हरियाली को नष्ट करने से भी कुछ लोग बाज नहीं आ रहे हैं। सिंधौरा गांव में चकरोड किनारे लगे 22 सागौन के पेड़ों को अवैध तरीके से काटकर उनकी लकड़ी बेच दी गई। पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
बीसलपुर रेंज की बमरौली वीट में तैनात वनरक्षक मेवाराम ने बिलसंडा पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सिंधौरा गांव में 22 सागौन के वृक्षों का अवैध कटान कर लिया गया। 23 मई की दोपहर दो बजे इसकी सूचना मिली। इस पर टीम मौके पर जांच करने पहुंची। इस दौरान चकरोड किनारे लगे सागौन के 22 पेड़ काटे जाने की बात सही निकली। अवैध कटान को लेकर जानकारी की गई, इसमें बीसलपुर के हबीबुल्ला खां शुमाली मोहल्ला निवासी मोहम्मद उमर, सिमरा अकबरगंज गांव निवासी सुरेंद्र कुमार, दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के गांव महेशापुर गांव निवासी भोले, रामकुमार मिश्रा, चुन्ने खां का नाम सामने आया। आरोप है कि रामकुमार मिश्रा ने ठेकेदार चुन्ने खां की मदद से इन वृक्षों का अवैध कटान कर उसकी लकड़ी को बेच दिया है। इंस्पेक्टर बिलसंडा अतर सिंह ने बताया कि वनरक्षक की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पांचों आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में वृक्षों का संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।