शारदा नदी पार पट्टे की जमीन पर झोपड़ी डालने गए पट्टेदारों को रविवार दोपहर करीब बारह बजे लखीमपुर खीरी के खजुरिया से आए दबंगों ने खदेड़ दिया। पट्टेदारों को डराने के लिए तमंचे से छह फायर भी किए गए। ग्रामीणों ने जंगल की ओर भागकर खुद को बचाया।
इसके बाद रमनगरा चौकी पहुंचकर मामले की शिकायत की है। पुलिस ने पांच को हिरासत में बैठकर जांच की है।
रमनगरा चौकी क्षेत्र के शारदा नदी के पार के इलाके में दो साल पहले भूमिहीन लोगों को राजस्व विभाग की ओर से पट्टे किए गए थे। पट्टे पर दी गई इन जमीनों पर लखीमपुर खीरी के खजुरिया और हजारा क्षेत्र के दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। जिसके चलते पट्टा होने के बाद भी कई पट्टेदार जमीन पर कब्जा नहीं ले सके। पंद्रह दिन पूर्व लेखपाल बृजेंद्र राणा टीम के साथ सीमांकन करने गए थे और पट्टेदारों के हिसाब से भूमि पर खूंटे लगा दिए थे और काबिज होने को कह दिया। इस बीच उक्त जमीन पर काबिज होने को लेकर पट्टेदार और दबंगों दोनों जद्दोजहद करते रहे। इसी के तहत रविवार दोपहर बारह बजे पट्टेदार समीर श्यामल, साना विष्णु, विपुल सुब्रत, रायकृष्ण मंडल करीब दस लोग जमीन पर कब्जा लेने को झोपड़ी डालने पहुंच गए। आरोप है कि इसकी भनक लगते ही आरोपी दबंग असलहों से लैस होकर और फायरिंग शुरू कर दी। कई पट्टेदारों को पकड़कर पिटाई भी की गई। किसी तरह सभी ने जंगल की ओर भागकर खुद को बचाया। इसकी सूचना यूपी 100 और रमनगरा चौकी पुलिस को दी गई। इस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। एसएचओ इंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर भेजी गई थी। दोनों पक्षों से बातचीत कर जानकारी की जा रही है। एसडीएम कलीनगर को मामले की सूचना दे दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर आरोपी पक्ष के लोगों के परिवार वालों ने फायरिंग व विवाद आदि की बात से साफ इंकार किया है। उनका कहना है कि जिस भूमि को लेखपाल पट्टे की भूमि बता रहा है उस भूमि पर वह लोग लंबे समय से काबिज होकर खेती करते आ रहे हैं। आरोप है कि लेखपाल ने पहले उन लोगों को नियमित कराने के नाम पर फिर श्रावस्ती मॉडल अभियान चलाने की चेतावनी देकर एक-एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लिए। अब उसी भूमि पर दूसरों का पट्टा करने के नाम पर लेखपाल दूसरे पक्ष से पैसा लेकर उन्हीं की आड़ में उन्हें उजाड़ने की साजिश रच रहा है। पुलिस हिरासत में लिए गए एक ग्रामीण के भाई ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि किसी से कोई विवाद नहीं हुआ है. लेखपाल खुद बवाल करा रहा है। उन लोगों ने पूरे मामले की जांच कराने और हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग की है।