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अनियंत्रित ट्रक वैन पर पलटा एक की मौत, सात घायल

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जहानाबाद (पीलीभीत)। एक्सल टूटने से अनियंत्रित होकर बैगास लदा एक ट्रक वैन के ऊपर पलट गया। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जहानाबाद बस अड्डे के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में कार सवार 50 वर्षीय नूरजहां पत्नी अली अहमद की मौत हो गई, जबकि सात अन्य रिश्तेदार घायल हो गए। सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने बमुश्किल वैन में फंसे घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। बरेली जिले के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के निवासी अली अहमद मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी नूरजहां को शुगर की बीमारी है। इसका इलाज न्यूरिया (पीलीभीत) से चल रहा था। सोमवार सुबह करीब तीन बजे नूरजहां वैन से दवा लेने के लिए न्यूरिया जा रही थीं। उनके साथ मायके पक्ष के शीशगढ़ बरेली के गांव मानपुर शीशगढ़ के निवासी 50 वर्षीय नन्हे ठेकेदार, 48 वर्षीय इकरार हुसैन, 29 वर्षीय मोहम्मद आसिफ, 45 वर्षीय तौफीक अहमद, 32 वर्षीय नूर हसन उर्फ भूरा, 35 वर्षीय परवीन पत्नी शफी और मोहम्मद यासीन भी थे। यह सभी भी अपने लिए शुगर की दवा लेने आ रहे थे। वैन नूर हसन चला रहे थे। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जहानाबाद बस अड्डे के पास पहुंचते ही सामने से आ रहा बैगास लदा ट्रक अनियंत्रित हो गया। यह देख नूर हसन ने वैन को साइड में खड़ा कर दिया। इस बीच ट्रक लहराता हुआ आया और कार के ऊपर ही जा पलटा। कार ट्रक के नीचे दब गई। यह देख ट्रक चालक मौके से भाग गया। इसकी सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। कुछ ही देर में जहानाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। मौजूद लोगों की मदद से बमुश्किल कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। सभी को आनन-फानन में सीएचसी जहानाबाद भिजवाया, वहां नूरजहां को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर परिवार वाले भी आ गए। जिसके बाद घायलों को रेफर कराकर ले गए। महिला के बेटे शकील ने पुलिस को तहरीर दी। जिसके आधार पर जहानाबाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। ट्रक चालक के बारे में जानकारी की जा रही है।
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परिवार में मचा कोहराम
हादसे के बाद मजदूर अली अहमद के परिवार में चीख पुकार मच गई है। मृतका के चार बेटे तनवीर, शकील, नाजिम, जुल्फिकार और एक बेटी गुलशन सभी अविवाहित हैं। नूरजहां का शुगर का इलाज कुछ दिन पहले ही न्यूरिया से शुरू हुआ था। इससे पहले वह सिर्फ एक बार दवा ले जा चुकी थीं। दोबारा दवा लेने के लिए मायके पक्ष के कुछ लोगों के साथ वह दवा लेने के लिए घर से निकली थीं। पति और बच्चे घर पर ही रुक गए थे। सुबह जल्दी निकलने को लेकर पति ने बताया कि जहां से वह दवा लाती हैं, वहां सुबह आठ बजे से भीड़ लग जाती है। इसलिए समय से दवा मिल जाए, यह सोचकर ही सभी एक साथ वैन में सवार होकर घर से जल्दी निकल गए थे।
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