पीलीभीत। आवास विकास कॉलोनी में कांट्रैक्टर के बंद मकान से लाखों की नगदी व जेवर की चोरी मामले में 36 घंटे बीत जाने के बाद पुलिस भले ही सुराग जुटाने में असफल रही हो, लेकिन पीड़ित ने खासा प्रयास कर एक सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर ली है। इसमें न सिर्फ चोरों की तस्वीर कैद है, बल्कि पुलिस बंदोबस्त के दावों की हकीकत भी सामने आ गई है। खास बात यह है कि आवास विकास में चोर पूरे तीन घंटे तक बेखौफ होकर घूमते रहे। कांट्रैक्टर के अलावा दो अन्य मकानों में भी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की, लेकिन रात्रि गश्त का दावा करने वाली पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
आवास विकास कॉलोनी निवासी कांट्रैक्टर मोहम्मद जुबैर मलिक शनिवार मकान को ताला लगाकर परिवार के साथ ग्राम मझलिया गए थे। देर रात चोरों ने मकान के ताले तोड़कर साढ़े छह लाख रुपये और 15 तोला सोने के जेवरात चोरी कर लिए थे। पुलिस ने मौका मुआयना कर औपचारिक कार्रवाई की। खोजे कुत्ते और फील्ड यूनिट की मदद से भी चोरों का कुछ देर सुराग लगाने का प्रयास किया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस सुराग न मिलने का रोना रोती रही। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। पीड़ित ने सुराग लगाने को रात दिन एक कर दिया। पीड़ित ने पता किया कि किसी के घर सीसी टीवी कैमरे लगे हैं या नहीं। काफी प्रयास के बाद पीड़ित को पता चला कि मोहल्ले के ही तबरेज मजहर के मकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। खोजबीन की तो उसमे मध्यरात्रि के बाद दो संदिग्ध युवकों के मोहल्ले में दाखिल होने की तस्वीर मिल गई। जिनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। इनके पास एक मोबाइल और एक लोहे की रॉड फुटेज में दिख रही है। कॉलोनी में यह पूरे तीन घंटे तक रहे और कांट्रैक्टर के अलावा भी दो मकानों में चोरी की कोशिश की। देर रात एक बजकर 57 मिनट पर यह दोनों कॉलोनी में आए और चार बजकर 47 मिनट पर हाथ में सामान भरकर भागते दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को पीड़ित ने फुटेज प्राप्त करने के बाद सीओ सिटी को इसकी सूचना दी है। जिसके बाद सीओ सिटी को दिखाने के साथ ही फुटेज स्वाट टीम को दी गई। अब पुलिस फुटेज की मदद से चोरों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। कुछ संदिग्धों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सीओ सिटी धर्म सिह मार्छाल ने बताया कि पुलिस की टीमें कार्रवाई में जुटी हैं। वारदात में लोकल अपराधी के होने की आशंका प्रतीत हो रही है।