पूरनपुर देहात के मोहल्ला अहमदनगर निवासी हसीब के घर कोतवाली पुलिस की छापा मार कार्रवाई में अवैध तरीके से स्लाटर हाउस चलता पकड़ा गया। मौके से पांच कुंतल गोमांस और औजार बरामद करने के साथ ही दस आरोपी भी धर दबोचे गए। उनको पुलिस कोतवाली लाई थी कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गोकशी के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटनाओं पर आक्रोश जताते हुए जोरदार नारेबाजी की गई। बमुश्किल पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया।
बुलंदशहर कांड के बाद डीजीपी ओपी सिंह की नजर जिले पर पड़ते ही जारी किए गए अलर्ट का असर दिखाई देता नजर आ रहा है। एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने मातहतों को कसा तो कार्रवाई की शुरूआत कर दी है। बृहस्पतिवार को सूचना मिलने पर कोतवाल केशव कुमार तिवारी पूरनपुर देहात के मोहल्ला अहमदनगर निवासी हसीब के घर छापा मारा। इस दौरान मकान में स्लाटर हाउस चलता पकड़ा गया। मौके से शेरपुरकलां निवासी शब्बीर अहमद, हनीफ, वशीर अहमद, रईस अहमद, मोहम्मद मियां, रफीक, अकरम, हसीब, बब्बू और नगर के मोहल्ला साहूकारा (लाइनपार) निवासी मोहम्मद इस्लाम गोवंशीय पशुओं की हत्या करते दबोचे गए। घर के अंदर से पांच कुंतल गोमांस, रस्सी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा व औजार बरामद किए गए। पशु चिकित्साधिकारी से बरामद मांस की जांच कराई गई, जो गोवंशीय पशुओं का निकला है। इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को लेकर पुलिस कोतवाली आ गई। पुलिस की कार्रवाई का पता लगते ही कुछ देर में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। गोकशी की रोकथाम न होने पर नाराजगी जताने के साथ ही आरोपियों को फांसी देने की मांग की गई। कहा कि शेरपुरकलां, गहलुइया, लाइनपार कुरैशियान, कंजाखेड़ा के अलावा सेहरामऊ उत्तरी थाना के कई गांव में गोवंशीय पशुओं की हत्याएं जारी हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोतवाल केशव कुमार तिवारी के सख्त कार्रवाई का आश्वासन देने पर प्रदर्शनकारी शांत हो सके और सख्ती न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी देकर चले गए। प्रदर्शन करने वालों में रूम सिंह यादव, सुरेंद्र वर्मा, विधि ओम सिंह, सचिन नितिन समेत कई लोग थे। जिसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया है। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने ही 22 अगस्त को लाइनपार साहूकारा में गोवंशीय पशुओं की हत्या की थी। उस वक्त वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके थे।