तीन महीने से दो साझेदारों के बीच चल रहा बंटवारे का विवाद गुरुवार को खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों से लोग जमा हो गए और एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। आधे घंटे तक लाठी-डंडे चलते रहे। इसमें 11 लोग घायल हो गए। बवाल की सूचना पर एएसपी तीन थानों के फोर्स और पीएसी लेकर मौके पर पहुंचे। फोर्स ने भीड़ को सख्ती से खदेड़कर मामला शांत कराया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर फोर्स तैनात कर दिया गया गया है।
कस्बा निवासी असगर अली और सूरजपाल ने पांच साल पहले एक जमीन साझे में खरीदी थी। इसी में टीनशेड डालकर दोनों का परिवार रहता है। करीब तीन महीने से दोनों के बीच बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसमें पुलिस ने दोनों पक्षों को मुचलका पाबंद किया था। सूरजपाल का आरोप है कि उन्होंने जमीन का पूरा पैसा अदा कर दिया था। इसके बाद भी उसे खाली नहीं किया जा रहा है। जबकि असगर अली आधे हिस्सा को अपना बता रहे हैं। बुधवार दोपहर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्लाट पर बने ऑफिस को खोलने पर असगर अली से शुरू हुई गाली गलौज कुछ ही देर में संघर्ष में बदल गई। दोनों ओर से लोग जमा हुए और मारपीट शुरू कर दी। फंटी, बल्ली और लाठी-डंडे से एक दूसरे पर हमला बोल दिया। इसमें सूरजपाल, केसरी लाल, धर्मपाल, मनकोरा देवी, विनीता देवी घायल हो गई। दूसरे पक्ष से असगर अली, अनवर अली, नाजिम अली, नियाजमीन, सलमा बी, रुबी को चोटें आईं हैं। बवाल की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ अधिक होने से स्थिति पर काबू नहीं पाया जा सका। इस पर जिला मुख्यालय से और फोर्स मांगी गई। एएसपी विकास वैद्य, सीओ जहानाबाद जगतराम जोशी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। फोर्स ने सख्ती से भीड़ को खदेड़कर मामला शांत कराया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर पुलिस को दी। जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जमीन के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था। एक पक्ष सूरजपाल की ओर से मिली तहरीर पर चार नामजद, 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। असगर अली की पत्नी से मिली तहरीर पर तीन नामजद दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें बलवा, छेड़छाड़, जानलेवा हमला करने की धाराओं को शामिल किया गया है।
-चंद्रप्रकाश शुक्ला, एसओ