माधोटांडा (पीलीभीत)। चूका स्पॉट पर आकर नशे की हालत में हुड़दंग करने और विरोध करने पर वनकर्मियों से मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार के बेटे समेत चार के खिलाफ माधोटांडा पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसा है। कोर्ट के आदेश पर सभी के खिलाफ घटना के दो महीने बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।
टाइगर रिजर्व वन प्रभाग पीलीभीत के डिप्टी रेंजर मोबीन आरिफ ने तहरीर में बताया कि जून माह में वह चूका स्पॉट पर तैनात थे। 15 जून को भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार के पुत्र दक्ष गंगवार अपने साथी गौरव शुक्ला, कृष्णपाल, प्रदीप गंगवार के साथ चार पहिया वाहन से बिना अनुमति चूका स्पॉट में प्रवेश कर गए। कर्मचारियों ने जब उनको गाड़ी पार्किंग में खड़ा करने को कहा तो उन्होंने गाली गलौज शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंच गए और सभी की गाडिय़ों को पार्किंग में खड़ा करा दिया। इसी की रंजिश को लेकर चंद मिनट बाद ही चारों युवकों ने कैंटीन पर जाकर हुड़दंग शुरू कर दिया। कैंटीन कर्मचारी अनिल शाह से मारपीट की गई। चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बचाने की कोशिश की तो उनको भी पीटा गया। रेंज कार्यालय सूचना देने के बाद मौके पर अफसर पहुंचे और किसी तरह मामला शांत हो सका। घटना की उसी दिन माधोटांडा पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने मात्र पीली पर्ची देकर जांच में टाल दिया। दस दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर एसपी से शिकायत के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। जिसके बाद पीड़ित ने न्याय के लिए कोर्ट की शरण ली। तब जाकर दो माह बाद कानूनी कार्रवाई की जा सकी है। एसएचओ इंद्र सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि धाराओं में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।