पूरनपुर। दहेज की मांग पूरी न होने पर अलग-अलग स्थानों पर दो महिलाओं को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। एक महिला ने गर्भ गिरवाने के प्रयास पर उसके गर्भवस्थ शिशु की मौत होने का आरोप लगाया। हजारा पुलिस ने दोनों मामलों में 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
हजारा थाना क्षेत्र के गांव कबीरगंज निवासी सद्दाम की पत्नी नाजरा बी ने बताया कि चार साल पहले उसका निकाह सद्दाम से हुआ था। निकाह के बाद उसके पति, सास, ननद आदि ने दहेज में बाइक की मांग की। मांग पूरी न होने पर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। अक्सर मारपीट की जाने लगी। इस दौरान उसने पुत्र को जन्म दिया। जो 10 माह का है। मारपीट कर उसके पुत्र को छीनकर उसे घर से निकाल दिया गया। एक माह पहले पुलिस ने उसके बच्चे को दिला दिया। घटना की शिकायत करने पर उसके विवाद को परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया गया। परिवार परामर्श केंद्र में विवाद को लेकर 27 अक्तूबर को सहमति नहीं बनी। हजारा एसएचओ हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि नाजरा बी की ओर से उसके पति सद्दाम, सास बानो, ननद बिट्टो और उसके पति के भाई मोहम्मद नवी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दहेज उत्पीड़न के एक अन्य मामले में हजारा थाना क्षेत्र के गांव बाजारघाट बैल्हा निवासी बलविंदर कौर ने बताया कि मार्च 2020 में उसकी शादी लखीमपुर खीरी के माजा फार्म सिंगाही निवासी कुलविंदर सिंह के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दहेज में कार और पति को दुकान खुलवाने को तीन लाख रुपये की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर 28 सितंबर 2020 को उससे गाली-गलौज शुरू की गई। इसका विरोध करने पर उसकी पिटाई की गई। जेवरात छीनकर उसे मायके के समीप ससुराली छोड़ गए। बगैर दहेज के घर आने पर जान से मारने की धमकी दी। एसएचओ हजारा हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि बलविंदर कौर की ओर से उसके पति माजा फार्म सिंगाई निवासी कुलविंदर सिंह, ससुर गुरमुख सिंह, सास वीरो कौर, सुखविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह की पत्नी राज कौर, लखीमपुर खीरी के चक्रपुर तिकुनिया निवासी सुमित्रा कौर, पूरन सिंह पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।