पूरनपुर। ढाबा मालिक से पुलिस ने पहली बार ही वसूली नहीं की थी। कई बार हुई वसूली से परेशान होकर ढाबा मलिक शिकायत करने का साहस जुटा पाया था। एक बार एक दरोगा दुकान पर पकौड़ी खाने के बाद पकौड़ी खराब होने का तर्क देकर रुतबा दिखाते हुए ढाबा मालिक को कोतवाली उठा लाया था। तब पांच हजार रुपये की वसूली कर उसे कोतवाली से छोड़ा गया था।
एक जमीन के नाम पर तो हाल में ही पचास हजार रुपये की वसूली पुलिस कर्मियों ने की थी। जांच में इसकी जानकारी ढाबा मालिक ने जांच अधिकारी को दी है।
नगर निवासी अमजद हुसैन उर्फ गुड्डू की मिठाई की दुकान असम हाईवे के सिरसा चौराहा पर है। लॉकडाउन से पहले दुकान 24 घंटे खुलती थी। बाहर से आने वाले वाहन रुकते थे। रात को खुलने वाली दुकान पर अक्सर पुलिस कर्मी भी गश्त करते दुकान पर पहुंचते थे। गुड्डू ने बताया कि पुलिसकर्मियों द्वारा समाज की सेवा को लेकर उसने कभी रात को पहुंचने वाले पुलिस कर्मियों से रुपये नहीं लिए। कोतवाली से रात को संदेशा लेकर पहुंचने वाले होमगार्ड तक को सामान देने के बाद पैसे नहीं मांगे।
गुड्डू का आरोप है कि इसके बाद भी उससे डोडा तस्करी के आरोप पर पहली बार पुलिस ने वसूली नहीं की। करीब छह साल पहले एक होटल में रहने वाला दरोगा अक्सर सुबह को उनकी दुकान पर नाश्ता करने पहुंचता था। दरोगा को तब पनीर की पकौड़ी खिलाई। सारी पकौड़ी खाने के बाद दरोगा ने खराब पकौड़ी बिक्री का आरोप लगाते हुए उस पर रौब गांठना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं अपनी बाइक पर बैठाकर कोतवाली लाकर उसे बैठा दिया गया। तब दरोगा ने पांच हजार रुपये की वसूली कर उसे छोड़ा था।
हाल में एक जमीन के मामले में 50 हजार रुपये की पुलिस कर्मियों ने वसूली की थी। तब भी चुप रहा। मगर पुलिस का उत्पीड़न बढ़ता गया। इसको लेकर डोडा तस्करी का आरोप लगाते हुए उससे 1.10 लाख रुपये वसूल लिए गए। तब मजबूरन उसे शिकायत करनी पड़ी। जमीन के विवाद पर हुई वसूली उसने अपने बयान में जांच अधिकारी को भी बताई।
दलाल नहीं छोड़ रहे पीछा
पुलिस की शिकायत के बाद दलाल गुड्डू का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। दलाल पुलिस के सामने अपने नंबर बढ़ाने को उसे डरा रहे हैं कि पुलिस से पंगा महंगा पड़ेगा। गुड्डू बताते हैं कि दलाल वसूले गए रुपयों से अधिक रुपये दिलाने का आश्वासन देकर उसके साथ चलकर पुलिस से मिलने का दबाव बना रहे हैं।