पीलीभीत। जयमाल के समय अचानक वर-वधु पक्ष के बीच विवाद हो गया और मारपीट हुई। फिर शादी से इनकार कर लड़का पक्ष बरात लेकर वापस चला गया। हंगामे की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस लड़की पक्ष के पांच लोगों को पकड़कर थाने आ गई। लड़की पक्ष ने दहेज का विवाद बताते हुए थाने में तहरीर दी। वहीं ग्रामीण पनीर की सब्जी न होने पर लड़का पक्ष के नाराजगी जताने को विवाद की मुख्य वजह बताते रहे। दूसरे दिन थाने में हुई पंचायत के बाद सुलह हो गई। अब गजरौला के शिव मंदिर में शादी होगी।
घटना गजरौला क्षेत्र के एक गांव की है। यहां की रहने वाली एक युवती की शादी पूरनपुर क्षेत्र के एक युवक से तय हुई थी। तमाम रस्में पूरी हो चुकी थी। शुक्रवार रात गांव में ही वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था। रात करीब 11 बजे अचानक लड़का-लड़की पक्ष में विवाद हो गया। दोनों तरफ से जमा लोगों ने बरातियों के लिए डाली गई कुर्सियां उठाकर एक दूसरे पर बरसाना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची गजरौला पुलिस पांच युवकों को पकड़कर थाने ले आई। लड़का पक्ष शादी से इनकार कर बरात वापस ले गया। लड़की की मां ने तहरीर दी। इसमें बताया कि सात लाख रुपये दहेज उनसे मांगा गया था, जिसमें पांच लाख दे चुके हैं। दो लाख जयमाला से पहले मांगे जा रहे थे। इसे देने में असमर्थता जताई तो रिश्ता तोड़कर लड़का पक्ष चला गया। तोड़फोड़ और मारपीट की गई। वहीं, गांव में विवाद के पीछे एक और वजह की चर्चा है। बरात में शामिल कुछ ग्रामीणों ने बताया कि दूल्हे के एक रिश्तेदार को पनीर की सब्जी खाने का नहीं मिली, इस पर वह गुस्सा हो गया था। फिर मारपीट होने लगी थी। दूसरे दिन दोनों पक्षों की थाने में पंचायत के बाद सुलह हो गई।
प्रभारी निरीक्षक गजरौला मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों पक्षों में बातचीत के बाद सुलह हो गई है। अब दोनों लोग कस्बे के शिव मंदिर में शादी करेंगे। कार्रवाई से भी इनकार कर दिया है।