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दोषी सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार

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पीलीभीत। सिपाहियों के लाठी मारने से व्यक्ति की मौत के मामले में दूसरे दिन भी हंगामा रहा। सिपाहियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। कई थानों की पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने को तैनात रही। दोपहर दो बजे जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर परिजन मान गए और फिर सुरक्षा इंतजाम के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव जोनापुरी निवासी 55 वर्षीय मिहीलाल की सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पत्नी नन्ही देवी समेत अन्य परिवार वालों ने बताया था कि सुबह दस बजे मिहीलाल वोट डालने के लिए जा रहे थे। मतदान केंद्र के कुछ दूर पहुंचते ही दो सिपाहियों ने लाठी मारकर घायल कर दिया था। इलाज के दौरान कुछ देर बाद जान चली गई। परिवार वालों ने ग्रामीणों संग डीएम आवास के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया था। परिवार की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। मंगलवार सुबह शव का अंतिम संस्कार होना था, मगर सिपाहियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर परिवार ने इनकार कर दिया। न्यूरिया पुलिस पहले ही गांव में तैनात थी। इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई। फिर कोतवाली, पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त फोर्स भेज दिया गया। पुलिस को जाम या फिर धरना प्रदर्शन का डर सताने लगा। परिवार के लोगों से बातचीत की गई। मगर परिजन अंतिम संस्कार को राजी ही नहीं हो रहे थे। कई घंटे चली बातचीत के बाद गांव के कुछ संभ्रांत लोगों को एकत्र किया गया। फिर दोपहर करीब दो बजे जांच के बाद सिपाहियों पर कार्रवाई और नियमानुसार योजनाओं से हरसंभव आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया गया। इस पर परिवार वाले मान गए। फिर अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार होने तक पुलिस बल गांव में पीड़ित के मकान के आसपास के सभी रास्तों पर मुस्तैद रहा। बाद में अफसरों ने भी राहत की सांस ली।
बसपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेता भी पहुंचे
दूसरे दिन मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद, भीम आर्मी के पदाधिकारी गांव पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। पुलिस से भी कार्रवाई और मुआवजे को लेकर बात की गई। परिवार के राजी होने के बाद तो एक नेताजी बिफरे से दिखाई दिए। यहां तक कह दिया कि बातचीत के दौरान जब अपनी बात अफसरों के सामने नहीं रख पाए, तो अब हमसे क्यों बता रहे हो।
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शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। शरीर पर कोई चोट नहीं मिली है। विसरा जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। परिवार की ओर से दी गई तहरीर की एएसपी से जांच कराई जा रही है। जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। - किरीट कुमार, एसपी
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