पूरनपुर। मतदान के दौरान फर्जी वोट डालने पर पुलिस से अभद्रता और पथराव के मामले में दूसरे दिन उपद्रव करने वालों पर शिकंजा कसा गया। सिपाही की ओर से गांव बंजरिया के सात लोगों को नामजद और 60 को अज्ञात आरोपी बनाते हुए पथराव, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी कर्मचारी पर हमला, बलवा की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बंजरिया में सोमवार को मतदान के दौरान दो प्रत्याशियों में विवाद हो गया था। एक प्रत्याशी से सिपाही के बातचीत करने पर दूसरे प्रत्याशी के समर्थकों ने फर्जी वोट डालने का आरोप लगा दिया था। कुछ ही देर में भीड़ लाठी, डंडे लेकर मतदान केंद्र पर पहुंची और सिपाही को हमला कर दौड़ा दिया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ था। इस मामले में कांस्टेबल बृजेश यादव की ओर से कानूनी कार्रवाई की गई। गांव बंजरिया निवासी गजेंद्रपाल सिंह उर्फ गगन यादव, अनिल, सोनपाल, नफीश शाह, बाबा बलजीत, मेजर भाई अमरजीत, रोहित शुक्ला और 60 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई। सिपाही का आरोप था कि कलस्टर पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान गांव बंजरिया पहुंचने पर मतदान केंद्र से कुछ दूरी पर खड़े लोग मतदाताओं को बैलेट पेपर नुमा कागज दिखाकर अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान को प्रेरित कर रहे थे। चुनाव प्रचार समाप्त होने और धारा 144 के उल्लंघन की जानकारी देने पर उस पर हमला कर दिया गया। इसके बाद पथराव भी कर दिया गया। एक दरोगा को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। कोतवाल सुनील शर्मा ने बताया कि सिपाही की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। साक्ष्य के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधान प्रत्याशी समेत 33 पर रिपोर्ट
पूरनपुर कोतवाल सुनील शर्मा ने बताया कि बिना अनुमति मतदान से एक दिन पहले रविवार रात बाइक रैली निकालने पर पुलिस ने पूरनपुर देहात ग्राम पंचायत के प्रधान पद के प्रत्याशी और पूर्व प्रधान मेंहदी हसन और 20 अन्य पर निषेधाज्ञा और आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की। इसके अलावा गांव चांटफिरोजपुर निवासी विजेंद्र, उसके पिता हरदयाल और दस अज्ञात पर निषेधाज्ञा उल्लंघन और महामारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।