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बैलगाड़ी से रास्ता बंद कर हंगामा करने वाले 100 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज

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बैलगाड़ी से रास्ता बंद कर हंगामा करने वाले 100 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज
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बरखेड़ा। संक्रमित की मौत के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर बुधवार रात हुए हंगामे में दूसरे दिन पुलिस ने जाम लगाकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। दरोगा मनोज कुमार की ओर से निषेधाज्ञा उल्लंघन, तोड़फोड़ और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें 100 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया।
बृहस्पतिवार शाम दरोगा की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में बताया गया कि आमडार रोड पर बुधवार रात भीड़ ने आक्रोशित होकर बैलगाड़ी लगाकर रास्ता बंद कर दिया। जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया। शव लेकर पहुंची एंबुलेंस और पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ करने की कोशिश की गई। निषेधाज्ञा लागू होने की बात कही गई, मगर भीड़ ने एक न सुनी। हमलावर होती चली गई। एसपी किरीट कुमार ने बताया कि दरोगा की ओर से अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विवेचना में तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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अफसरों को समय पर सूचना न देने पर इंस्पेक्टर बरखेड़ा घिरे, एएसपी करेंगे जांच
संक्रमित निकलने के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर एक दिन पहले देर रात चले हंगामे के बाद इंस्पेक्टर बरखेड़ा लापरवाही के आरोप में घिर गए हैं। समय से सूचना अफसरों को न देने पर एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी को जांच अधिकारी बनाया है। वहीं, दूसरे दिन कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार कराया गया। सिर्फ दो बेटे ही मौजूद रहे।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव आमडार निवासी रामपाल सिंह बंटवारे को लेकर रिश्तेदारों से हुए झगड़े में घायल हुए थे। शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मौत से पहले निजी अस्पताल में एंटीजन से हुई जांच में रामपाल कोरोना पॉजिटिव निकले थे। शाम को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी तो अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस पर मारपीट के आरोप लगे थे, वहीं देर रात तक ग्रामीणों ने जाम लगाया था। एसडीएम-सीओ के हरसंभव मदद और निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन बमुश्किल शांत हुए थे। हंगामे के बाद अफसर भी संजीदा हुए हैं। घायल के इलाज के दौरान मरने, संक्रमित निकलने से लेकर अंतिम संस्कार को लेकर हुए विवाद की सूचना बरखेड़ा पुलिस की ओर से समय से नहीं दी गई थी। इसे लापरवाही मानते हुए एसपी किरीट कुमार ने इंस्पेक्टर बरखेड़ा वीरेश कुमार की जांच के आदेश किए हैं। एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को गांव का माहौल शांत रहा। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम शव लेकर गांव पहुंची। फिर मृतक के दो बेटों अमर सिंह, राजबहादुर को पीपीई किट पहनाकर कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट और इंफेक्शन से मौत की पुष्टि
एसपी किरीट कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामपाल की मौत की वजह शरीर पर आई चोट और पेट में आंतें फटने के बाद हुए इंफेक्शन से बताई गई है। इसी के आधार पर आगे कार्रवाई तय की जाएगी।
24 घंटे को निजी अस्पताल का आईसीयू बंद, कर्मियों की हुई सैंपलिंग
इलाज के दौरान संक्रमित निकले रामपाल की मौत शहर के एक निजी अस्पताल में हुई थी। इसे देखते हुए निजी अस्पताल के आईसीयू विंग को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। अन्य विंग में काम चलता रहा। सैनिटाइजेशन कराने के साथ ही कर्मचारियों की सैंपलिंग भी कराई गई। बृहस्पतिवार को यहां से स्वास्थ्य टीम ने डॉक्टर समेत 12 लोगों के सैंपल लिए। इसके अलावा मृतक के गांव में टीम भेजकर सैंपलिंग और सैनिटाइजेशन कराया गया।
निजी अस्पताल पर लगे आरोपों की एसीएमओ ने शुरू की जांच
मृतक के परिवार ने कोरोना जांच को लेकर निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर भी आरोप लगाया था। बेटे राजबहादुर का कहना था कि कई दिनों से उसके पिता निजी अस्पताल में भर्ती थे। कुछ दिन पहले ऑपरेशन तक कर दिया गया था। मगर उस वक्त भी कोरोना की जांच अस्पताल प्रशासन ने नहीं की थी। बुधवार सुबह भी जांच कब कर दी गई, परिवार को नहीं बताया गया। आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाने का आरोप लगा दिया था। इस आरोप को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने बृहस्पतिवार को निजी अस्पताल पहुुंचकर जांच शुरू भी कर दी। मरीज के भर्ती होने से लेकर मरने के दिन तक के इलाज के पर्चे, कोरोना जांच संबंधी अभिलेख को तलब किया है।
इलाज के दौरान घायल की मौत होने के बाद गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाई जा चुकी है। बरखेड़ा पुलिस ने अधिकारियों को समय से सूचना न देेकर लापरवाह रवैया अपनाया था। इस पर इंस्पेक्टर बरखेड़ा की जांच एएसपी को दी गई है। दर्ज एफआईआर में निष्पक्ष कार्रवाई कराएंगे। - किरीट कुमार, एसपी
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कोविड प्रोटोकॉल के तहत बृहस्पतिवार सुबह शव का अंतिम संस्कार करा दिया है। निजी अस्पताल पर लगे आरोपों की भी जांच कराई जा रही है। संक्रमण की रोकथाम को एक दिन के लिए निजी अस्पताल का आईसीयू बंद कर दिया है। सैंपलिंग भी कराई गई है। - डॉ.सीएम चतुर्वेदी, प्रभारी सीएमओ
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