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डीएम ने डीसी मनरेगा, बीडीओ और एपीओ का वेतन रोका

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पीलीभीत। मनरेगा में काम कर रही फर्मों की जांच पूरी न करने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने डीसी मनरेगा, सभी बीडीओ और एपीओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। सात दिन में जांच पूरी करके रिपोर्ट न देने पर डीसी मनरेगा को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजने की चेतावनी दी है।
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अमरिया के एपीओ, माधोटांडा के रोजगार सेवक और पूरनुपर के तकनीकी सहायकों ने फर्म बनाकर मनरेगा में करोड़ों रुपये का घोटाला किया। तीन फर्मों की घपलेबाजी पकड़े जाने के बाद संबंधित कर्मचारी को बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इसका संज्ञान लेकर डीएम पुलकित खरे ने जनपद के सभी ब्लॉकों में काम कर रही 2026 फर्मों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। अब तक की जांच में पता लगा था कि जीएसटीएन के तहत 511 फर्म पंजीकृत हैं। बंद 48 संस्थाओं के ट्रांजेक्शन डिटेल की जांच भी खंड विकास अधिकारी और एपीओ को करने थी। 82 फर्मों के अभिलेख नहीं मिल सके। इसकी जांच के लिए बीडीओ को निर्देशित किया गया था। डीएम ने अभिलेख और मानकों की जांच रिपोर्ट मांगी थी। 339 फर्म टिन नंबर से पंजीकृत मिली थीं, लेकिन जीएसटीएन लागू होने पर निष्क्रिय हो गई थीं। इनके भी ट्रांजेक्शन डिटेल की जांच कर आख्या मांगी गई थी। 68 लोकल वेंडर्स का पूरा पता न होने के कारण सत्यापन नहीं हो सका। डीएम ने समस्त बीडीओ को पता ज्ञात करके सत्यापन के बाद स्पष्ट विवरण मांगा था। 391 फर्मों का सत्यापन करने के बाद स्पष्ट विवरण देने को कहा गया। इन तमाम जांचों को अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। इस पर सोमवार को डीएम ने कड़ी नाराजगी जताने के साथ वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा में काम कर रही फर्मों की जांच कराई जा रही है। इसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इस पर डीसी मनरेगा, सातों ब्लॉक के बीडीओ, एपीओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी मनरेगा को सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। अन्यथा प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - पुलकित खरे, डीएम
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