पूरनपुर। सशस्त्र बदमाशों ने अब नगर से सटे इलाके में टेपों चालक के मकान को निशाना बनाया। दीवार फांदकर घुसे बदमाशों ने परिवार को तमंचे के बल पर बंधक बनाकर मारपीट की। घर में रखे नकदी-जेवर भी लूट ले गए। घटना की सूचना मिलने पर रात को ही पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। फिर पूर्व की भांति क्राइम कंट्रोल के फेर में मनमाफिक चोरी की तहरीर लिखवा ली। उसी तहरीर के आधार पर अज्ञात पर चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मूलरूप से पंचदियोरा (हरदोई) के गांव मैंकपुर निवासी टेंपो चालक विनय मिश्रा ने बताया कि उनके पिता हरीशचंद्र ने चार दशक पहले असम हाईवे पर नगर से सटे इलाके में टेलीफोन एक्सचेंज के पास मकान बनवा लिया था। यही पर परिवार समेत रहते हैं। बृहस्पतिवार की रात पत्नी पूजा मिश्रा, सात साल का पुत्र लक्ष्य मिश्रा, दिव्यांग मां सरोजनी, छोटा भाई दीपक घर में सो रहे थे। आधी रात के बाद डेढ़ बजे दीवार फांदकर तीन बदमाश भीतर घुस आए। घर के बाहर लगे बल्ब और झालर को भी बुझा दिया। इसके बाद एक बदमाश ने छोटे भाई दीपक को असलहा के बल पर बंधक बना लिया। भाई के शोर मचाने पर उसकी पिटाई की और फिर साड़ी से हाथ बांध दिए। दो बदमाश ऊपरी मंजिल पर आए और बड़े बेटे विनय को रामपाल ठाकुर बताते हुए सवाल-जवाब करने लगे। विनय ने जब रामपाल होने से इनकार किया तो उसे भी पकड़ लिया और कपड़े से हाथ बांध दिए। इसके बाद उन्हें और पत्नी को भी वहीं बुलाकर बैठा दिया। एक बदमाश तमंचा तानकर धमकाता रहा। बाकी कमरे का सामान खंगालने लगे। अलमारी से 20 हजार रुपये, सोने का हार, कुंडल, मोबाइल, टार्च और पैंट की जेब में रखी डेढ़ हजार की नगदी लूट ली। इसी बीच किसी तरह विनय ने अपने हाथ खोल लिए और बदमाश का तमंचा छीनने की कोशिश की। यह देख अन्य दो बदमाशों ने आकर पिटाई कर दी। दीवार कूदकर विनय ने हाईवे पर दौड़ लगा दी, बदमाश भी उसके पीछे निकल गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। रात में ही पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी की। विनय ने बताया कि पुलिस ने बदमाशों को तलाशने के बजाय उन पर ही चोरी की तहरीर का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने उनसे चोरी की तहरीर बोलकर लिखवाई। यह भी बताया कि विनय ने हाईवे पर दौड़ते वक्त काफी शोर मचाया, लेकिन कहीं कोई जाग नहीं हो सकी। अगर लोग जाग जाते तो बदमाशों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था।
घटना की सूचना पर रात में ही मौके पर गए थे। घटना लूट की नहीं है। चोरी की तहरीर मिली थी, उसी के आधार पर अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा बोलकर तहरीर लिखाने की बात गलत है। - एसके सिंह, कोतवाल पूरनपुर
अफसरों की मौन स्वीकृति पर पुलिस कर रही धाराओं में खेल
पूरनपुर। असलाहधारी बदमाशों ने 10 दिन में लूटपाट की चार घटनाओं को अंजाम दिया। दो घटनाएं तो एक-एक दिन छोड़कर और एक घटना पांच दिन छोड़कर अंजाम दी गई। सभी घटनाएं एक ही तर्ज पर हुईं। चारों में परिवार वालों को बंधक बनाकर लूटपाट की गई। तीन में बदमाश दीवार फांदकर घर में घुसे। चार घटनाओं में पुलिस ने दो की चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की, जबकि दो को तो संदिग्ध बताकर टाल दिया। उनकी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर निवासी अजाद खां के घर 10 नवंबर को दीवार फांदकर घर में घुसे सशस्त्र बदमाशों ने परिवार वालों को बंधक बनाकर फ्रिज में रखे पांच हजार रुपये, सोने का पैंडल और मोबाइल लूटा था। आजाद खां को बंधक बनाकर घर के बाहर ले गए थे और मोहल्ले में धनाड्यों की जानकारी हासिल की थी। बाद में धमकाते हुए भाग गए थे। 12 नवंबर की रात को शेरपुुरकलां के मोहल्ला नवदिया निवासी सदाकत खां के घर दीवार पर चढ़कर खुद को पुलिस बताकर बदमाशों ने दरवाजा खुलवाया था। फिर तमंचे के बल पर परिवार वालों को बंधक बनाकर छह हजार रुपये, चांदी की पायल, उसकी पत्नी समीना बेगम के सोने के कुुंडल, बेटी से कुछ जेवर लूट गए थे। 17 नवंबर को बदमाशों ने सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर निवासी तैय्यब अली के परिवार वालों को बंधक बनाकर सोने के झाले, मांग टीका, चांदी की दो जोड़ी पायल, चांदी की अंगूठी और पांच सौ रुपये लूट लिए थे। एक दिन बाद 19 नवंबर की रात को बदमाशों ने असम हाईवे पर विनय मिश्र के परिवार को बंधक बनाकर घटना को अंजाम दिया। चार घटनाओं में पुलिस ने आजाद खां और सदाकत खां के घर हुई लूटपाट को संदिग्ध बताया। तैय्यब और विनय मिश्रा के घर हुई लूट की रिपोर्ट चोरी में दर्ज की गई है। अपराध नियंत्रण में फेल पुलिस अब धाराओं में खेल करके आंकड़े बेहतर बनाने में जुटी है। वहीं सब कुछ जानकर अफसर भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। इसे सीधे तौर पर उनकी मौन स्वीकृति से जोड़कर देखा जा रहा है।