बदमाशों द्वारा बिखेरा सामान दिखाता पीड़ित।
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पूरनपुर। असलहों के बल पर बदमाशों ने सिमरिया गांव में मजदूर के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की। वे नकदी-जेवर ले गए और विरोध करने पर पीटा। लेकिन पुलिस मामले को चोरी बता रही है, जबकि पीड़ित का कहना है कि छह बदमाशों ने घर में घुसकर वारदात की।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर निवासी तैय्यब अली ने बताया कि उनका घर आबादी से दूर खेतों के बीच बना है। घर की चाहरदीवारी नहीं है। कमरों, खिड़कियों में दरवाजे नहीं हैं। तीन माह पहले ही अपने पैतृक जलालाबाद (शाहजहांपुर) के कौमनगर गांव से आकर यहां बसे थे। मंगलवार रात अपने दामाद मोहल्ला रजागंज निवासी नईम के साथ बरामदे में सो रहे थे। बेटा साजिद अली, पुत्रवधू फरीन और पांच वर्षीय पौत्र हसन रजा कमरे में थे। रात 12 बजे चार बदमाश भीतर घुस आए और दो बाहर खड़े रहे। उन्होंने बरामदे में सो रहे ससुर-दामाद को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। शोर-शराबा करने पर जान से मारने की धमकी दी। दो बदमाश उनके पास खड़े रहे और दो कमरे में गए और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बंधक बना लिया। बाहर खड़े दो अन्य बदमाश भी बरामदे में आ गए। मजदूर तैयब और उसके बेटे को बांधकर एक तरफ डाल दिया, विरोध करने पर पिटाई कर दी। फिर बदमाशों ने कमरे में रखे बक्से से सोने के झाले, मांग टीका, अंगूठी, चांदी की दो जोड़ी पायल, तीन चांदी की अंगूठी और 500 रुपये लूट लिए। अंत में यह कहकर चले गए कि कुछ देर में वापस आएंगे। बदमाशों के जाने के बाद शोर मचाकर ग्रामीणों को जमा किया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
कोतवाल एसके सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और मौका मुआयना किया। फिर डकैती और लूट को दबाने के लिए पुलिस ने घटना को चोरी बताना शुरू कर दिया। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि खेतों के बीच घर है। दरवाजे भी नहीं लगे हैं। किसी को बंधक नहीं बनाया गया है। चोरी की घटना हुई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
बंधक बनाकर लूटपाट की यह तीसरी घटना है
पूरनपुर। बीते 15 दिन के भीतर कोतवाली क्षेत्र में बंधक बनाकर लूटपाट की यह तीसरी घटना सामने आई है।
गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर निवासी अजाद खां के घर 11 नवंबर को दीवार फांदकर घुसे सशस्त्र बदमाशों ने परिवार वालों को पांच हजार रुपये और जेवर लूट लिए थे। विरोध पर पिटाई की गई थी। उस वक्त बदमाशों ने गांव के धनाढ्य परिवारों को लेकर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया था। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। फिर शेरपुरकलां के मोहल्ला नवदिया निवासी सदाकत खां के घर 13 नवंबर की रात पुलिस बताकर बदमाशों ने दरवाजा खुलवाया था। परिवार को बंधक बनाकर इसी तरह से लूटपाट की गई। इस घटना को पुलिस ने संदिग्ध बताकर टाल दिया था। घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया गया और अब एक और वारदात को अंजाम दे दिया गया। तीनों घटनाओं का तरीका समान है। ऐसे में सभी वारदात एक ही गिरोह के द्वारा अंजाम देने का अंदेशा जताया जा रहा है।