पीलीभीत। एक करोड़ रुपये और कार की बरामदगी कर एक दिन पूर्व जेल भेजे गए बरेली के स्टील व्यापारी के चालक का एक रिश्तेदार पुलिस के रडार पर आ गया है। जेल भेजने से पहले चालक से दोबारा की गई पूछताछ में उसके रिश्तेदार के पास लाखों रुपये छिपाए जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद रिश्तेदार को पकड़ने के लिए दो टीमें लगाकर कई जगह दबिश दी गई। फिलहाल अभी सफलता नहीं मिल सकी है।
जनकपुरी (बरेली) के निवासी स्टील व्यापारी रजत गुप्ता का मुनीम सौरभ सक्सेना बहराइच से तकाजा करके कार से लौट रहा था। 28 जुलाई की रात सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में असम रोड चौराहा के पास पहुंचते ही चालक खटीमा निवासी संदीप सिंह यादव टायर पंचर होने की बात कहकर मुनीम को उतारकर कार और नगद लेकर भाग गया था। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार सुबह कार चालक और उसके तीन दोस्तों को गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया था। चालक संदीप ने इन्हीं दोस्तों के पास रकम छिपा दी थी। चारों से चोरी की कार और 1.08 करोड़ रुपये नगद बरामद किए गए थे। व्यापारी की ओर से लगातार करीब दो करोड़ का हिसाब होने की बात कही जा रही थी। मगर वह यह नहीं बता पा रहा था कि पूरी रकम नकद में था या फिर चेक भी थे। इस पर पुलिस ने जेल भेजने से पूर्व दोबारा चालक से पूछताछ की तो कुछ तथ्य निकलकर आए। लाखों की नगदी उसके एक रिश्तेदार के पास होने का शक गहराया है। ऐसे में अब पुलिस को रिश्तेदार की तलाश है। तस्वीर साफ करने के लिए उत्तराखंड समेत कई स्थानों पर दबिशें भी दी गईं, मगर चालक का रिश्तेदार नहीं मिल सका।
कुछ और रुपये चालक के रिश्तेदार के पास होने का अंदेशा है। इसे गंभीरता से लेकर कार्रवाई कराई जा रही है। दो टीमें धरपकड़ को लगाई हैं। चालक के रिश्तेदार के मिलने के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी। - प्रवीण मलिक, सीओ सिटी