फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएम के आदेश पर भी नहीं की कार्रवाई, पुलिस ने खनन माफिया से दोस्ती निभाई

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। पुलिस ने कोतवाली से छोड़ी गई खनन माफिया की ट्रैक्टर ट्रॉली को दोबारा पकड़ने के डीएम के आदेश को हवा में उड़ा दिया है। पुलिस 10 दिन बाद भी न तो ट्रैक्टर-ट्रॉली को ही पकड़ सकी है और न ही उसके मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकी है।
विज्ञापन

एसडीएम सौरभ दुबे ने नौ सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के गांव सादियां के पास छापा मारकर मिट्टी के अवैध खनन में लगीं पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस ने चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ही रिपोर्ट बनाकर एसडीएम सौरभ दुबे को भेजी। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को कोतवाली से छोड़ दिया गया। पकड़ कर सौंपी गईं पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में से चार की रिपोर्ट देखकर एसडीएम दंग रह गए। पूछने पर भी पुलिस से कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने पर एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट डीएम वैभव श्रीवास्तव को भेज दी। डीएम ने कोतवाल हरीशंकर वर्मा की कड़ी फटकार लगाई और छोड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को फिर से कब्जे में लेकर उसके मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश के बावजूद कोतवाली पुलिस अब तक न तो ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद कर सकी है और न ही उसके मालिक को खिलाफ कोई कार्रवाई की है।
पहले कहा लेखपाल ने चार ही ट्रैक्टर-ट्रॉली सौंपी, अब छोड़ने की बात स्वीकारी
बीसलपुर। थाने से खनन माफिया की ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने का मुद्दा गर्माया तो इंस्पेक्टर ने सफाई दी थी कि लेखपाल ने चार ट्रैक्टर-ट्रॉली ही पुलिस के सुपुर्द की थीं। डीएम ने जब इस मामले में सख्त रुख अपनाया तो अब पुलिस ट्रैक्टर-ट्रॉली को नियमानुसार छोड़ने और ट्रैक्टर मालिक की खनन में कोई भूमिका न होने की बात कह रही है।
विज्ञापन

नियमानुसार ही छोड़ी थी ट्रैक्टर-ट्रॉली
कोतवाली पुलिस ने जो ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ी थी, उसमें मिट्टी नहीं लदी थी। जांच पड़ताल में उक्त ट्रैक्टर मालिक की अवैध खनन में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। कोतवाली पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को नियमानुसार ही छोड़ा है। संबंधित उच्चाधिकारियेां को पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी गई गई है। - प्रवीण मलिक सीओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें