पीलीभीत। सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत पुलिस की जांच में झूठी निकलने के बाद प्रधान के पति कार्रवाई कराने के लिए गजरौला थाने पहुंच गए और इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। यही नहीं इसके एवज में 10 हजार रुपये बतौर रिश्वत देने लगे। प्रधान के पति की इस करतूत को वहीं कुछ दूरी पर खड़े एक सिपाही ने मोबाइल में कैद कर ली। पुलिस ने प्रधान के पति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर गजरौला नरेश कश्यप ने बताया कि नौ सितंबर को एक महिला ने एडीजी बरेली जोन से शिकायत की थी। इसमें महिला का आरोप था कि होमगार्ड समेत दो लोगों ने चार सितंबर की शाम उससे सामूहिक दुष्कर्म किया था। एडीजी के निर्देश पर पड़ताल की गई तो मामला पेशबंदी का निकला। होमगार्ड की पत्नी ने गांव की प्रधान के पति रजा बख्श के खिलाफ 2017 में छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी में सुलह का दबाव बनाने को प्रधान के पति से साठगांठ कर महिला ने शिकायत की। इसकी जांच रिपोर्ट एडीजी व एसपी को भेजी जा चुकी है। शुक्रवार सुबह प्रधान के पति ने थाने जाकर महिला की ओर से एफआईआर दर्ज करने को कहा। इसी के साथ रिश्वत के तौर पर दस हजार रुपये अपनी जेब से निकालकर देने लगा। प्रधान पति के रुपये देेने का एक सिपाही ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। इसी आधार पर प्रधान के पति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और रिश्वत के रूप में दिए जा रहे दस हजार रुपये भी कब्जे में लिए गए हैं। उधर, प्रधान के पति से जब उनका पक्ष जाना तो पहले वह गलती हो गई कहते रहे और फिर चुप्पी साध गए। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।