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एडीजी का आश्वासन, आईपीएस से जांच के बाद तय होगा विवेचना बदलें या नहीं

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बरेली/ पीलीभीत। बरखेड़ा विधायक के भांजे ऋषभ को पीटने के मामले में डीएम के गनर मोहित गुर्जर समेत अन्य लोगों पर हुई कार्रवाई पर दूसरा पक्ष सामने आया है। सछास के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान के नेतृत्व में कई सपा नेताओं और परिजन ने एडीजी जोन से मुलाकात कर घटनाक्रम में विवेचना दूसरे जिले की पुलिस से कराने की मांग की। एडीजी ने किसी दूसरे जिले के आईपीएस स्तर के अधिकारी से जांच कराने के बाद विवेचना बदलने का आश्वासन दिया। यहां बता दें पीलीभीत में एक प्रोन्नत आईपीएस है।
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मेरठ के सरधना क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ चुके अतुल प्रधान के साथ पहुंचे मुजफ्फरनगर निवासी देवेंद्र कुमार ने एडीजी अविनाश चंद्र को बताया कि उनके बेटे कांस्टेबल मोहित कुमार व अन्य के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई है। आरोप लगाया कि उनके बेटे को ही थाने में पीटकर गालियां दी गईं और उसी के खिलाफ मुकदमा करा दिया गया। आरोप लगाया कि पीलीभीत पुलिस बरखेड़ा विधायक के दबाव में है। उन लोगों को पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद नहीं है। इसलिए प्रकरण की विवेचना बरेली या किसी अन्य जिले की पुलिस से कराई जानी चाहिए। एडीजी ने इन लोगों से लिखित में शिकायत मांगी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। एडीजी से मिलने वालों में डॉ. रवि नागर, हरेंद्र सिंह कन्नौजिया, प्रमोद बिष्ट, आदेश यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, अमित गंगवार, पिंटू यादव आदि कई सपा नेता शामिल थे।
इसके बाद पीलीभीत लौटने पर यह लोग एएसपी रोहित मिश्र से भी मिले। उन्होंने कहा कि पूर्व में बेची गई बाइक के कागजात न मिलने पर रुपये लौटाने की बात पर झगड़ा शुरू हुआ। इसमें दोनों पक्षों के चोटें आईं, लेकिन दबाव में कार्रवाई एकतरफा की गई। आरोप लगाया कि गलत तरीके से मोहित को फंसाया गया। गनर मोहित के परिजन ने इसको लेकर विधायक पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो एसपी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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..तो मामला अब राजनीतिक रंग लेने की तैयारी में
एक दिन पूर्व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से विधायक के भांजे और डीएम के गनर के बीच हुए प्रकरण की वार्ता हुई थी। इस पर अखिलेश यादव ने प्रशासन के दबाव में काम करने की बात कही थी। दूसरे दिन सोमवार को सपा के कई नेताओं के साथ परिजन पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंच गए।

पिता बोले- कार्रवाई गलत, नहीं करेंगे बर्दाश्त
मेरे बेटे मोहित पर प्रशासन ने दबाव में कार्रवाई कर दी है। चोटें मोहित के भी आई हैं। उसकी तरफ से भी रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए।
- देवेंद्र कुमार, आरोपी गनर के पिता

मिले तीन और नाम, पड़ताल कर रही पुलिस
घटना में ग्यारह नामजद आरोपी हैं। इनका अभी पुलिस कोई पता नहीं लगा सकी है। इधर, विधायक की ओर से तीन युवकों के नाम बतौर आरोपी दिए गए हैं। उनके घटना में शामिल होने की बात कही गई है।

विधायक बोले- आरोप निराधार, कोई साक्ष्य नहीं
पीलीभीत। भाजपा के बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत भांजे ऋषभ पर हुए हमले के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गनर मोहित के परिजन अधिकारियों से मिले इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। इसका कोई साक्ष्य तक नहीं है। मेरे भांजे के साथ हुई घटना साक्ष्य पूर्ण है। उसको अगवा कर जानलेवा हमला और लूटपाट की गई। अगर आरोपी गनर मोहित मौके पर न पकड़ा गया होता तो उसको डीएम बचा ले जाते। इस तरह से एसडीएम सदर अपने पेशकार अमित सक्सेना को बचाने का काम कर रहीं है। उसके पास बचाव का कोई साक्ष्य नहीं है, उसको जेल तो जाना पड़ेगा। घटना में शामिल तीन और युवकों के नाम पुलिस को कार्रवाई के लिए दे दिए हैं। इस मामले में कार्रवाई के लिए मैं पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात करूंगा। जिन लोगों ने अपराध किया है, उनको सजा मिलकर रहेगी।

आरोपी पक्ष के कहने से विवेचना बदलने का प्रावधान नहीं है। शिकायतकर्ता मौखिक शिकायत करने आए थे, उनसे लिखित में शिकायत मांगी गई है। पहले दूसरे जिले के आईपीएस स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरी होने पर विवेचना बदलने को लेकर निर्णय किया जाएगा।
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- अविनाश चंद्र, एडीजी जोन
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