फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुरे फंसे, 16 लाख के घोटोले को बना दिया 11 लाख, अब होगी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। ग्राम पंचायत बिठौराकलां में विकास कार्यों की जांच में लाखों का घोटाला करने का आरोप सिद्ध होने पर डीएम ने सख्ती की तो एडीओ पंचायत ने डीएम का आदेश ताक पर रखकर रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस को दी गई तहरीर में खेल कर दिया। गजरौला थाने में प्रधान और सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जबकि सत्ता के दबाव में रोजगार सेवक और एपीओ को बचा दिया। यही नहीं 16 लाख के घोटाले को भी 11 लाख दर्शाया गया है। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो वह भी दंग रह गए। फाइल तलब करने के साथ ही सख्त एक्शन लेने की बात कही गई है।
विज्ञापन

घोटाले से संबंधित मामलों में दोषी प्रधानों व सचिवों को निलंबित कर उनको सेटिंग से बहाल करने का खेल पकड़े जाने पर पिछले दिनों डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर घोटालेबाज रिटायर्ड ग्राम पंचायत सचिव राजवंदन मिश्रा, निलंबित सचिव राजा तोमर के खिलाफ गजरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि सत्ता के दबाव में निलंबित सचिव रूपेश को अभयदान दे दिया गया था। इसी बीच एक नया कारनामा मरौरी की ग्राम पंचायत बिठौरा कलां में देखने को मिला है। आरोप है कि प्रधान नरैना देवी, सचिव राजा तोमर, रोजगार सेवक और एपीओ ने मनरेगा का करीब साढ़े 11 लाख रुपये डकार लिया। इसके अलावा करीब पांच लाख का गबन सोलर लाइट खरीद में हुआ था। एपीओ ने सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने पर कई लाख का मनरेगा भुगतान फर्जी तरीके से दर्शा दिया था। डीडीओ की जांच में खुलासा होने पर 22 अगस्त को डीएम कार्यालय के पत्रांक संख्या 2447 पर जारी आदेश में डीएम ने प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और एपीओ सभी को पूर्ण रूप से दोषी मानते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए लेकिन इसमें भी खेल कर दिया गया। एडीओ पंचायत रवि प्रकाश की ओर से गजरौला थाने में प्रधान नरैना देवी और सचिव राज तोमर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जबकि सत्ताधारी नेताओं की शरण लिए एपीओ और रोजगार सेवक को बचा दिया गया है। 16 लाख का घोटाला 11 लाख दर्शाया गया है। सोमवार को मामला संज्ञान में आने पर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने डीपीआरओ पीके यादव से फाइल तलब कर सख्त एक्शन लेने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें