पीलीभीत/पूरनपुर। अमरीका में रह रहे व्यवसायी खड़ग सिंह को उनके इकलौते बेटे गगनप्रीत सिंह की हत्या की धमकी देकर पांच करोड़ की रंगदार मांगने का प्लॉन किसी और ने नहीं बल्कि व्यवसायी की पत्नी के सगे चचेरे भाई ने ही तैयार किया था। दरअसल, रंगदारी के लिए जब भी बदमाश खड़ग सिंह को फोन करते थे तो कई ऐसी बातें उन्हें बताते थे, जो कोई नजदीकी ही जान सकता है। बदमाश तो यह बातें इसलिए कहते थे कि खड़ग सिंह को यकीन हो जाए कि बदमाश पूरनपुर में उनके बेटे और उसके परिवार की पलपल की खबर रख रहे हैं, लेकिन पुलिस को इसी बात से क्लू मिल गया।
पुलिस ने जब गगनप्रीत से पूरे मामले की विस्तार से जानकारी ली तो उसे शक हो गया कि इस मामले में परिवार का कोई नजदीकी ही शामिल है। पुलिस ने जब छानबीन की तो उसका शक सही निकला। इस पूरी घटना का तानाबाना खुटार थाना क्षेत्र के गांव हीरपुर निवासी कुलदीप सिंह ने बुना था। कुलदीप, गगनप्रीत सिंह की मां का सगा चचेरा भाई है। उसके खिलाफ पूरनपुर थाने में पहले भी तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
कुछ इस तरह बदमाशों को किया गया ट्रेस
प्रेस कांफ्रेंस में एसपी मनोज सोनकर ने बताया कि रंगदारी मांगने को दो सिम का प्रयोग किया गया था। सर्विलांस टीम ने जब एक नंबर को ट्रेस किया। तो उक्त सिम गांव बारीबुझिया के ग्रामीण का निकला। उसका मोबाइल कई दिन पहले गिर गया था। दूसरा नंबर ट्रेस होने पर पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात से बदमाशों की घेराबंदी की और सुबह करीब छह बजे गड़वा खेड़ा पुल के पास से कोतवाली क्षेत्र के गांव कीरतपुर नवदिया निवासी हरप्रीत सिंह, शाहजहांपुर के थाना खुटार के गांव प्रसादपुर निवासी गगनदीप सिंह, खुटार थाना के गांव हीरपुर निवासी कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के पास से तीन तमंचे, कारतूस और खोखा बरामद हुए। एसपी मनोज सोनकर ने टीम को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की।
ऐसी डरावनी वीडियो कि देखकर रूह कांप जाए
बदमाशों ने गगनप्रीत सिंह की मां को व्हाट्सएप पर ऐसी डरावनी वीडियो भेजी, जिसे देखकर अच्छे अच्छों की रूह कांप जाए।
डीजीपी स्तर से हो रही थी केस की मॉनीटरिंग
इस मामले में भले ही पुलिस गुडवर्क की बात कहकर पीठ थपथपा रही है, लेकिन हकीकत यह कि प्रकरण हाईप्रोफाइल होने के चलते डीजीपी और जोन स्तर के पुलिस अधिकारी इस प्रकरण की पल-पल की अपडेट ले रहे थे। इतना ही नहीं दो से तीन दिन में खुलासा नहीं होने पर कई पर गाज गिरने की भी बात कही जा रही थी।
टीम में ये रहे शामिल
सर्विलासं प्रभारी आलोक मिश्रा, हेड कांस्टेबल हरीश चंद्र, मनोज, सुनील यादव, धर्मेंद्र, पूरनपुर थाना प्रभारी अमर सिंह, निरीक्षक अजब सिंह, उपनिरीक्षक निर्देश कुमार, का. मो. शहनबाज, सत्यम तिवारी, कावेंद्र, आफताब।