अमरिया। बच्चा चोर का शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमरिया में एक मानसिक मंदित दिव्यांग को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया। प्रधान पति से मिली सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो आरोप झूठा निकला। इसके बाद युवक को गांव के बाहर छुड़वा दिया गया। इस दौरान काफी भीड़ लगी रही।
रविवार को दोपहर अमरिया तहसील क्षेत्र के ग्राम उदयपुर माफी में भी बच्चा चोर समझकर एक मानसिक मंदित को पकड़ लिया। वह दिव्यांग भी था। उसको प्रधान शमां परवीन के यहां ले गए। प्रधान पति हाजी उस्मान से सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर मनीराम सिंह पुलिस बल के साथ आ गए। मामले की जांच की गई तो मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। ग्रामीण भी इसको मान गए। जिसके बाद पुलिस ग्रामीणों संग युवक को गांव के बाहर तक छोड़ आई। ग्रामीणों को पुलिस ने बच्चा चोर की अफवाह के बारे में विस्तार से बताया और इस तरह से किसी पर हमलावर न होने की बात कही। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बता दें कि दो दिन पूर्व क्षेत्र के ग्राम बगनेरा मे एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा था। जब जांच की गई तो वह बच्चा चोर नहीं बल्कि मानसिक मंदित निकला। इंस्पेक्टर अमरिया ने बताया कि अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है।
फिर उड़ी बच्चा चोर के खेत में छिपे होने की अफवाह
पूरनपुर। बच्चा चोर होने की अफवाह पर गांव कल्यानपुर के समीप शनिवार शाम को भीड़ एकत्र हो गई। भीड़ में शामिल कुछ लोग बच्चा चोर के समीप के गन्ना के खेत में छिपे होने की बात कह रहे थे। करीब आधा घंटा तक एकत्र लोग शोर-शराबा करते रहे। बाद में लौट गए। ब्यूरो