पूरनपुर/जोगराजपुर। सोंधा गांव में बच्चा चोर के शोर पर पहुंची पुलिस पर हमले के बाद रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। कहीं पुलिस गिरफ्तार कर जेल न भेज दे, इस डर से अधिकतर पुरुष घरों से गायब रहे। पुलिस से बचने को ग्रामीण प्रमुख लोगों से संपर्क साधने में लगे हैं। पुलिस भी दूसरे दिन गांव नहीं पहुंची।
शुक्रवार शाम को गांव सोंधा के समीप गन्ना के खेत में बच्चा चोर की सूचना पर पहुंची पुलिस का झूठी सूचना देने की बात कहने पर गांव के कुछ लोगों से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने वीडियोग्राफी शुरू कर दी। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों की पिटाई कर दी। यूपी 100 पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की। जिसमें सात पुलिस वाले घायल हो गए। पुलिस ने फायरिंग की। आरोप है कि ग्रामीणों की ओर से भी फायर किए गए। सेहरामऊ उत्तरी पुलिस ने दरोगा महेश सिंह की ओर से प्रधान सहित दस लोगों को नामजद कर अस्सी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने प्रधान सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गांव के कुछ लोगों ने पुलिस से बचने के लिए विधायक सहित अन्य प्रभावशाली लोगों से संपर्क शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री से शीघ्र मिलेगा क्षत्रिय महासभा का प्रतिनिधिमंडल
पूरनपुर। क्षत्रिय महासभा के एक प्रतिनिधि मंडल ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी की। साथ ही घटना की निंदा की। क्षत्रिय महासभा के जिला महामंत्री संजय सिंह तोमर बताया कि घटना में क्षत्रिय लोगों को मोहरा बनाया गया। प्रधान अनूप सिंह, उनके पिता जंगबहादुर, अंकित सिंह, पंकज सिंह, दीपक सिंह, सुधीर सिंह, प्रेमशंकर, मनोज, जंगपाल को जेल भेजा गया है। अब शीघ्र ही क्षत्रियों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण की जानकारी देकर दर्ज मुकदमा को वापस कराने के साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी।