पीलीभीत। सिटी डाकघर की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश के मामले में ललौरीखेड़ा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख लोकेश गंगवार समेत दो आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के पति दुर्गाचरण गुप्ता उर्फ अन्ना की गिरफ्तारी के लिए उनके घर पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद चालान कर दिया है। पुलिस की छापामार कार्रवाई से खलबली मची रही।
शहर में बरेली गेट के पास स्थित सिटी डाकघर की बेशकीमती साढ़े छह सौ वर्ग गज जमीन पर 10 जुलाई को कब्जा करने की कोशिश की गई थी। इस मामले में 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ डाक विभाग के अधिकारियों से मिली तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इनमें से चार को पुलिस ने अगले दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के बेटे शिवा गुप्ता और जिले में तैनात रहे एक बड़े प्रशासनिक अफसर के भांजे बताए जाने वाले लखनऊ निवासी पारसमणि पांडेय समेत नौ आरोपियों को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से लगातार प्रकाशित किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को भी सक्रिय होना पड़ा।
इधर, विवेचना के दौरान जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के पति दुर्गाचरन गुप्ता उर्फ अन्ना, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललौरीखेड़ा लोकेश गंगवार, जहानाबाद के मोहल्ला पुरैना निवासी जितेंद्र गंगवार, जेसीबी चालक नौगवां पकड़िया निवासी हारुन का नाम बढ़ाया गया था। एक दिन पूर्व ही हारुन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस ने सख्ती की। सीओ सिटी की अगुवाई में कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात दबिश दीं। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख लोकेश गंगवार, जितेंद्र गंगवार को भी घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस चेयरमैन जहानाबाद ममता गुप्ता के घर भी दबिश देने गई, लेकिन उनके पति अन्ना नहीं मिले। मंगलवार को पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
कुछ पुलिसकर्मियों पर भी लगे थे मिलीभगत के आरोप
सिटी डाकघर की जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में कुछ पुलिसकर्मियों पर मिलीभगत के आरोप भी लगे। दरअसल, जिस रात जेसीबी से दीवार तोड़ी जा रही थी, कोतवाली पुलिस मौके पर गई थी और आरोपियों के कागजात को ही सही मान लौट आई थी। एक अफसर को भी गुमराह किया था। इसको अधिकारियों ने भी स्वीकारा, लेकिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
कई बार पकड़ा गया पुलिस का झूठ
पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश देने की बात कह रही थी। यह भी कहा जा रहा था कि आरोपी मिल नहीं रहे हैं। जबकि कई बार पुलिस का ये झूठ पकड़ा भी गया। पुलिस जिन्हें फरार बताती रही, वह कभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत तक खुलेआम करते रहे।
पहुंच वाले थे सो दिया कोर्ट जाने का भरपूर मौका
अवैध कब्जे के इस मामले में आरोपी पहुंच वाले थे। इसलिए पुलिस की कार्यशैली भी बदली सी रही। पहुंच वालों की कई दिनों तक गिरफ्तारी न होने पर भी पुलिस प र आरोप लगता रहा कि पुलिस आरोपियों को कोर्ट जाने का पूरा मौका दे रही है।
सिटी डाकघर की जमीन कब्जाने के मामले में पूर्व ब्लाक प्रमुख ललौरीखेड़ा समेत दो अन्य आरोपी भी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। चेयरमैन पति की तलाश में भी दबिश दी गई थी, लेकिन वह नहीं मिला। टीम को सुरागरसी के लिए लगाया गया है।
- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी