पीलीभीत/ हजारा। वनकर्मी की रायफल से चली गोली से ग्रामीण कुलवंत सिंह की मौत के बाद इंडो-नेपाल बार्डर से सटे ग्राम टाटरगंज में तनाव के हालात हैं। घटना से गुस्साए लोग सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े तो भीड़ का आक्रोश देख अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। वनकर्मियों में खासा खौफ रहा। रविवार को कोई कर्मचारी चौकी में नहीं पहुंचा। हालात को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई। अफसर भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हैं।
शनिवार रात वनकर्मियों की गोली से ग्रामीण की मौत की खबर जिला मुख्यालय पहुंची तो प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। कुछ ही देर में एसपी मनोज कुमार सोनकर, एएसपी रोहित मिश्र, एसडीएम पूरनपुर चंद्रभान सिंह, सीओ कमल सिंह, नायब तहसीलदार अनुराग सिंह समेत वन विभाग के कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने तनाव को देखते हुए सबसे पहले मृतक के परिवार और गांव के लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। मृतक के परिजन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अधिकारी शांति बनाए रखने की अपील लगातार लोगों से करते रहे।
इस क्षेत्र में वन विभाग की टिल्ला नंबर चार और टाटरगंज दो वन चौकियां हैं। इस घटना के बाद यहां पर तैनात वनकर्मी घबराकर भाग गए। वन चौकियों पर रविवार को कोई वनकर्मी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा।
पुलिस छावनी बना टाटरंगज गांव
हजारा थाना क्षेत्र में हुई घटना के बाद सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त कर दिए गए। हजारा के अलावा पूरनपुर, सेहरामऊ उत्तरी, माधोटांडा समेत कई थानों का पुलिस बल टाटरगंज पहुंच गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद भी गांव में पुलिस बल की तैनाती रही। अधिकारी हालात को भांपने के लिए पल-पल की जानकारी जुटाते रहे।
दो भाइयों में छोटा था कुलवंत
वनकर्मी की गोली से मरने वाला कुलवंत दो भाइयों में छोटा था। उसके एक बड़ा भाई जसवंत है। उसकी मौत के बाद से परिवार में कोहराम है। ग्रामीण परिवार को ढाढ़स बंधाने में जुटे रहे। कुलवंत की शादी हो चुकी है, लेकिन लंबे समय से पत्नी मायके में रहती है।
संपूर्णानगर रेंज में पहले भी होता रहा है ग्रामीणों-वनकर्मियों में संघर्ष
पीलीभीत। इंडो-नेपाल बार्डर पर शारदा नदी के पार स्थित संपूर्णानगर रेंज के जंगल में खासकर टाटरगंज इलाके में अवैध घुसपैठ के बाद ग्रामीणों और वनकर्मियों के बीच संघर्ष पहले भी होता रहा है। यह इलाका टाइगर रिजर्व पीलीभीत की सीमा से सटा है। यहां चोरी से लकड़ी का कटान और वन्यजीवों के शिकार करने के मामले सामने आते रहे हैं। इलाके के लोग इससे अंजान हैं, न ही दोनों जिलों के वन विभाग के अधिकारी।
शारदा नदी के पार टाइगर रिजर्व की बराही व हरीपुर रेंज के जंगल क्षेत्र की सीमा है। वहीं इससे सटे संपूर्णानगर रेंज के जंगल की बात करें तो यहां पर शीशम के पेड़ों का धड़ल्ले से अवैध कटान किया जाता है। जंगल से सटे इलाकों में बसे लोग पेड़ों का कटान करने के साथ वन्यजीवों का शिकार करने से भी पीछे नहीं हटते। इसको लेकर कई बार शोर मचा, कार्रवाई के दावे भी हुए। एक बार तो शासन स्तर से टीमें जांच करने भी आई, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए जा सके। अवैध घुसपैठ को रोका नहीं जा सका।
उधर, बात जंगल में पहुंचकर अवैध कटान और शिकार करने वालों की करें तो उनका भी अपना दबदबा है। उन पर कार्रवाई करना तो दूर पकड़ने की हिम्मत जुटाना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। अगर आमना-सामना हो जाए तो मुठभेड़ की नौबत आ ही जाती है। इस घटना में भी संपूर्णानगर खीरी के वन अफसरों की ओर से कुछ इसी तरह की कहानी बताई गई है।
नेपाल ले जाकर बेची जाती है जंगल से काटी गई लकड़ी
घटना के बाद उत्तर खीरी वन प्रभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा जंगल से लकड़ी चोरी करने की बात कही है। लकड़ी लाते वक्त रोकने पर वनकर्मियों पर तमंचे से फायर करने का आरोप भी लगाया है। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि रात करीब दो बजे जंगल में लकड़ी कटान की सूचना पर बीट प्रभारी कन्हई लाल दो वॉचरों के साथ मौके पर गए थे। उन्होंने कुछ लोगों को साइकिलों पर लकड़ी लाते देखा तो रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फायरिंग कर दी। आरोप है कि रायफल छीनने की कोशिश की गई। इसी छीना झपटी में गोली चल गई। उधर, मृतक के परिजन और साथी भैंस तलाशने के लिए जंगल में जाने की बात कह रहे हैं। हकीकत क्या है, यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन संपूर्णानगर खीरी के इस जंगल से लकड़ी का अवैध कटान जगजाहिर है। बताते हैं कि यहां लंबे समय से चोरी छिपे या फिर साठगांठ के चलते लकड़ी का कटान किया जाता है। इसके बाद लकड़ी नेपाल में ले जाकर बेच दी जाती है।
वर्ष 2006 में एक वनकर्मी और ग्रामीण की हुई थी मौत
टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज के जंगल से सॉल का पेड़ काट कर लाने की सूचना पर वनकर्मियों से भगवंतापुर रोड पर मुठभेड़ हो गई थी। दोनों ओर से हुई फायरिंग में एक वन वॉचर ध्यान सिंह की मौत हो गई थी। वनकर्मियों की ओर से आत्मरक्षा में चलाई गई गोली से शेरपुर निवासी छोटे नाम के ग्रामीण की भी मौत हो गई थी।
दो वर्ष पूर्व मुठभेड़ में घायल हुआ था वनरक्षक
बराही रेंज के फैजुल्लागंज क्षेत्र में तैनात वन रक्षक संदीप मंडल को गश्त के समय शिकारियों से मुठभेड़ में गोली लगी थी। घटना में वन रक्षक बुरी तरह घायल हो गया था।