न्यूरिया/पीलीभीत। संदिग्ध हालात में इंटरमीडिएट की छात्रा की मौत हो गई। उसका शव उसके ही कमरे में दुपट्टे से बने फंदे पर कड़ी के सहारे लटका मिला। सुबह देर तक कमरे से बाहर न आने पर जगाने पहुंचे परिजन ने खपरैल हटाकर कमरे में पहुंचकर शव को नीचे उतारा। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वजह को लेकर परिजन कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के पुरवा भूड़ा गांव निवासी हरप्रसाद प्राइवेट एंबुलेंस चलाते हैं। उनकी 17 वर्षीय पुत्री पूजा सर्वोदय इंटर कॉलेज कल्यानपुर में इंटर की छात्रा थी। मंगलवार रात करीब आठ बजे किशोरी खाना खाने के बाद पढ़ाई करने की बात कहकर कमरे में चली गई। मां लौंग श्री बरामदे में चारपाई डालकर सो रहीं थी। पिता काम से बरेली गए थे, जबकि बड़ा भाई वीरेंद्र कुमार अपने परिवार संग दूसरे मकान में था। बुधवार सुबह करीब चार बजे बरसात होने पर मां लौंग श्री पूजा को जगाने के लिए पहुंचीं। काफी देर आवाज लगाने के बाद भी पूजा नहीं बोली। कमरे का दरवाजा भी भीतर से बंद मिला। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। जिसके बाद खपरैल हटाकर परिजन घुसे तो पूजा का शव दुपट्टे से बने फंदे पर कड़ी से लटका मिला। बेटी की मौत की खबर मिलने पर पिता भी आ गए। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची न्यूरिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं हर कोई किशोरी की मौत को लेकर असमंजस में है।
मोबाइल खोलेगा मौत का रहस्य
पिता हरप्रसाद ने बताया कि पूजा के कमरे से एक मोबाइल और कुछ किताबें भी मिली हैं, जोकि उसकी हैं ही नहीं। उसके पास मोबाइल कहां से आया, इसकी जानकारी भी परिवार को नहीं है। ऐसे में पूजा की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए मोबाइल ही अहम सहारा बनेगा। हालांकि इस मोबाइल में सारे नंबर डिलीट किए जा चुके थे। परिवार ने जांच की मांग पुलिस से की है।
कॉलेज से आकर हंसती बोलती रही, नहीं हुआ किसी को अहसास
परिवार वालों ने बताया कि पूजा रोज की तरह मंगलवार को भी कॉलेज गई थी। वहां से दोपहर करीब एक बजे वापस आई और हंसती बोलती रही। शाम को भी काफी देर तक पढ़ाई करती रही। इसके बाद खाना खाकर कमरे में चली गई। उसको कोई दिक्कत या परेशानी होगी, इसका किसी को अहसास नहीं था।
किशोरी का कमरा भीतर से बंद था। इसको देखते हुए मामला खुदकुशी की ओर इशारा कर रहा है। एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें किशोरी ने परिजन से माफी मांगी है, लेकिन कोई वजह नहीं लिखी है। मोबाइल को लेकर छानबीन कराई जाएगी। परिवार की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस अपने स्तर से छानबीन कर रही है।
- बिरजाराम, इंस्पेक्टर न्यूरिया
मनोविज्ञानी की राय
आज के समय में टीवी और सोशल साइट्स का प्रयोग बढ़ा है। बच्चे जो देखते हैं, उसी को जीवन में अपना रहे हैं। भावुक होने के बाद वह सही और गलत का न तो निर्णय कर पाते हैं और न इसमें अंतर समझ पाते हैं। परिवार के सदस्यों को उन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दिन भर परिजन से दूर रहकर उन्होंने क्या किया, इसकी जानकारी जुटाते रहें।
- डॉ. सत्येंद्र नारायण, प्रिंसिपल-साइकोलॉजिस्ट, उपाधि महाविद्यालय