पीलीभीत। यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों में भागे हुए चल रहे लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक की तलाश में लखनऊ पुलिस की टीम न्यूरिया पहुंची। लखनऊ की चौक कोतवाली पुलिस ने न्यूरिया के कस्बे में स्थित डॉक्टर के पैतृक घर पर छापा मारा। हालांकि, वहां से आरोपी के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
लखनऊ के केजीएमयू में अध्ययनरत एक छात्रा ने रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। मामले में चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी डॉक्टर के भागे जाने पर उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।
इधर, धरपकड़ में जुटी लखनऊ पुलिस जानकारी के आधार पर आरोपी डॉक्टर के मूल निवास पीलीभीत जिले के न्यूरिया हुसैन कस्बे में पहुंची। चौक कोतवाली पुलिस के उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला के नेतृत्व में एक टीम ने न्यूरिया पुलिस की मदद से कस्बे के मोहल्ला ठाकुरद्वारा स्थित डॉक्टर के पैतृक घर पर जांच की।
पुलिस ने वहां मौजूद एक युवक को थाना न्यूरिया बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ में बताया गया कि आरोपी डॉक्टर के पिता सलीमुद्दीन वर्तमान में उत्तराखंड के खटीमा में रह रहे हैं और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में कार्यरत हैं। वह मूल रूप से न्यूरिया कस्बे के निवासी हैं, लेकिन संबंधित मकान को पहले ही दान कर दिया गया है।
इस मामले में बयानों के आधार पर आरोपी बनाए गए निकाह कराने वाले काजी सैयद जाहिद हसन के भी पीलीभीत के न्यूरिया का निवासी होने की बात सामने आई है। हालांकि, छापेमारी और पूछताछ के बावजूद डॉक्टर के बारे में कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लग सकी। थाना प्रभारी सुभाष मावी ने बताया कि लखनऊ पुलिस की टीम जांच-पड़ताल के लिए आई थी और आवश्यक कार्रवाई के बाद लौट गई है।