पीलीभीत। पुरानी रंजिश के चलते हमला कर युवक का अपहरण कर रंगदारी मांगने के मामले में कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार महीने बाद शनिवार रात कानूनी कार्रवाई की। शाहजहांपुर के एक ठेकेदार की तरफ से 10 लोगों के खिलाफ अपहरण, रंगदारी, मारपीट और धमकाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
शाहजहांपुर के निगोही के मोहल्ला हमजापुर निवासी भगवत स्वरुप विश्वकर्मा ने बताया कि पीलीभीत में चल रहे एक निर्माण कार्य में मिट्टी ढोने के लिए उनका ट्रैक्टर लगा था। ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के गांव दंडा निवासी अमरजीत सिंह ने अपने तीन साथियों संग ट्रैक्टर लूट लिया था। इसकी गजरौला थाने में कोर्ट के आदेश पर 28 दिसंबर 2018 को रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद इसमें फाइनल लगा दी। इसी को लेकर वह लगातार पैरवी कर रहे हैं। अमरजीत लगातार चार लाख रुपये बतौर रंगदारी उनसे मांगता है। न देने पर आए दिन धमकाता था। इसकी शिकायत के लिए 29 जुलाई 2019 को भगवत स्वरूप पीलीभीत आए थे। उनके साथ मिलक (रामपुर) के करमचा गांव निवासी दोस्त जीता सिंह भी आए थे। पुलिस लाइन जाते वक्त रास्ते में अमरजीत सिंह अपने नौ अन्य साथियों संग बोलेरो कार में सवार होकर आया और गाली गलौज कर झगड़ा शुरू कर दिया। विरोध करने पर भगवत स्वरुप और जीता सिंह को कार में डालकर बनकटी रोड पर ले गए। यहां मारपीट करने के बाद पीड़ित भगवत स्वरुप को उतार दिया, लेकिन जीता सिंह को अपने साथ ले गए। इसके बाद से जीता सिंह का कोई पता नहीं लग सका है। इसकी शिकायत उसी समय कोतवाली में की। 17 अक्तूबर को एसपी को शिकायती पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। फिर 28 अक्तूबर को कोर्ट की शरण में गए। कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। दंडा सितारगंज निवासी अमरजीत सिंह, हरविंदर कौर, पटेरी पुलबट्टा निवासी सुखदेव सिंह, बलवीर सिंह, प्रतापपुर नानकमत्ता निवासी गुरजीत सिंह, कनेटी बहेड़ी (बरेली) निवासी रवि शेर सिंह, फिरोजपुर गांव निवासी प्रगट सिंह, जगत (अमरिया) निवासी हरपाल सिंह, बलवंत सिंह और लखवीर सिंह को आरोपी बनाया है। विवेचना में सामने आए साक्ष्य के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।