इधर, मायके वालों ने युवती की सुनगढ़ी थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। दस जुलाई को युवती अचानक अपने मायके पहुंच गई। आरोप है कि कुछ दिन मायके में रहने के बाद उसने पति के घर जाने की बात कही तो मायके वाले नाराज हो गए और उसे बंधक बना लिया। उस पर नजर रखी जाने लगी और घर से बाहर जाने पर भी रोक लग गई।
ससुराल जाने को कहने पर उसके साथ मारपीट की जाने लगी। शनिवार रात दस बजे मौका मिलने पर युवती चुपचाप मायके से निकलकर भाग गई। टनकपुर हाईवे पर नेहरू पार्क के पास पहुंचते ही पीछे से मायके वाले पहुंच गए और वहीं उसकी पिटाई कर दी। राहगीरों से सूचना मिलने पर कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी मौके पर पहुंचे और युवती को कोतवाली ले गए। उसके पति को भी बुला लिया गया।
पति ने कोर्ट मैरिज के कागजात दिखाए। युवती ने भी पति के संग जाने की बात कही। हालांकि मायके वालों का कहना था कि युवती ससुराल वालों के प्रताड़ित करने के कारण उनके पास आई थी। उन्होंने बंधक बनाने का आरोप निराधार बताया। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि युवती को उसके बयान लेकर पति की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।हालांकि युवती ने मायके वालों पर किसी तरह की कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।