छात्र ध्रुव की बस हादसे में हुई दर्दनाक मौत की घटना के चौथे दिन रविवार को बजाज पब्लिक स्कूल के शिक्षकों ने शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पीड़ित के परिजनों को थाने बुलवाया। जिससे परिवार वाले भड़क उठे और शिक्षकों पर संवेदनशून्यता का आरोप लगाते हुए जमकर खरीखोटी सुनाई।
बृहस्पतिवार को स्कूल से घर वापस लौटते समय नगर निवासी संजीव अग्रवाल के पुत्र ध्रुव की बस के टूटे फर्श के नीचे गिरने पर पहिए से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से समूचा नगर शोक में डूब गया था।
वहीं विद्यालय प्रशासन ने छात्र के घर आकर उसके परिजनों से संवेदना व्यक्त करने की भी जरूरत नहीं समझी। मामला तूल पकड़ने पर रविवार को मिल के अधिकारी अयाज किरमानी के साथ प्रधानाचार्य अमिता बरार स्टाफ के साथ थाने पहुंचीं। शिक्षक स्टाफ के कहने पर एसओ राजेश यादव ने छात्र के घर वालों को थाने पर बुलाया।
इससे घर वाले नाराज हो गए और थाने पर ही शिक्षक स्टाफ को दोषी करार देते हुए जमकर खरीखोटी सुनाई। छात्र के ताऊ सुधीर अग्रवाल ने बताया कि दरोगा ने शिक्षक स्टाफ के थाने में मौजूद होने के बारे में नहीं बताया। उन्हें यह कहकर थाने लाया गया कि जरूरी काम है। एसओ साहब ने बुलाया है।
प्रधानाचार्य ने किया बीमार होने का ड्रामा
बिलसंडा। बजाज पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता बरार घटना के बाद से शनिवार तक गंभीर बीमार होने की बात कहकर लखनऊ में भर्ती होना बता रही थीं, लेकिन अचानक स्वस्थ होकर शिक्षक स्टाफ के साथ थाने पहुंचना उनकी बीमारी लोगों के गले नहीं उतर रही है। लोगों का कहना है कि घटना के बाद प्रधानाचार्य जान बूझकर बीमार होने का ड्रामा किया है। अगर वह गंभीर रूप से बीमार होतीं तो घटना के चौथे दिन साथी शिक्षकों के साथ थाने कैसे आ जातीं। इसमें भी कहीं न कहीं वह अपने को इस घटना से बचाने की कोशिश कर रही हैं।