पूरनपुर। जंगल के रास्ते से ग्रामीणों के निकलने पर विवाद हो गया। वन विभाग के कर्मचारियों के विरोध करने पर पहले वनकर्मियों ने पीटा और फिर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने वनकर्मियों की पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों के पांच लोगों को कोतवाली लाई और मेडिकल परीक्षण कराया। वनकर्मियों ने रायफल लूटने और ग्रामीणों ने बैग लूटने का आरोप लगाया है।
घटना रविवार देरशाम की है। गांव फैजुल्लागंज जाने के लिए रास्ता जंगल से निकलता है। कुछ ग्रामीण इस रास्ते से फैजुल्लागंज जा रहे थे। ग्रामीणों के जंगल बैरियर पर पहुंचते ही वनकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। रात को जंगल के रास्ते निकलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद वनकर्मियों ने ग्रामीणों की पिटाई कर दी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना गांव के लोगों तक पहुंचाई। इसके बाद कुछ ही देर में काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए और वनकर्मियों पर हमला बोल दिया। फॉरेस्ट गार्ड बाबूराम, वॉचर पातीराम की पिटाई की गई। आरोप है कि ग्रामीणों की भीड़ ने फॉरेस्ट गार्ड बाबूराम की रायफल लूट ली। हालांकि बाद में रायफल मिल भी गई। वॉचर पातीराम ने घटना की जानकारी अपने गांव के लोगों को दी। इसके बाद उसके गांव के लोग भी आ गए। फिर दोनों पक्षों से जमा ग्रामीण झगड़ा करने लगे। हंगामा होने की खबर पहुंचते ही बराही रेंजर डीके गोयल, कोतवाल एसके सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों से पांच लोगों को कोतवाली पकड़कर ले आए। दोनों पक्षों ने हमले का आरोप लगाया। वनकर्मियों ने तहरीर में रायफल लूटने की भी बात कही। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जंगल में बाघ का मूवमेंट होने पर फॉरेस्टगार्ड और वॉचर ने ग्रामीणों को रोका था। फॉरेस्टगार्ड और वॉचर की पिटाई कर रायफल लूट ली गई। कोतवाली पुलिस भी पहुंची थी, बाद में आरोपियों से रायफल मिल गई। तहरीर कोतवाली पुलिस को दी गई है। -डीके गोयल, रेंजर बराही
ग्रामीणों और वनकर्मियों में मारपीट हुई है। दोनों पक्षों के पांच लोगों का सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराया गया। प्रथम दृष्टया जांच में न तो राइफल लूटने और न बैग लूटने का मामला पाया गया। दोनों पक्षों में जंगल से लकड़ी काटने को लेकर तनाव था। किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी।- एसके सिंह, कोतवाल