कलीनगर (पीलीभीत)। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर बाइफरकेशन से निकलने वाली हरदोई ब्रांंच नहर पर करीब 105 वर्ष पुराने डगा पुल में दरारें आने के बाद इसे वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। पुल पर वाहन न पहुंच पाए इसके लिए दीवार बनाई गई है। शनिवार को सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने पुल की स्थिति परखी।
सिंचाई परियोजना का मुख्यालय कलीनगर तहसील के बाइफरकेशन में स्थित है। वनबसा से आने वाली शारदा मुख्य नहर से बाइफरकेशन के बाद हरदोई ब्रांच नहर निकाली गई है। ब्रिटिशकाल के दौरान निकाली गई इस नहर पर जनपद सीमा में चार पुल बनाए गए।
बाइफरकेशन के बाद पहला पुल पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर डगा गांव के पास है। पुल की देखरेख हेडवर्क्स खंड के अधीन है। शुक्रवार रात पुल में दरारें देख ग्रामीणों ने जानकारी पुलिस और अन्य अफसरों को दी। अफसर मौके पर पहुंचे और उच्च अफसरों को अवगत कराया। देर रात मार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया। पुल के दोनों ओर दीवार खड़ी कर दी गई।
परेशान हुए राहगीर
राहगीरों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की गई, लेकिन जानकारी के अभाव में शनिवार को राहगीर भटकते नजर आए। पुल तक पहुंचने के बाद रास्ता बंद देख वाहन सवार मायूस हुए। इसके बाद वह अन्य रास्तों से होकर गुजरे। पीटीआर आने वाले सैलानी भी परेशान हुए।
मरम्मत के नाम पर खर्च किए जाते रहे हैं लाखों रुपये
हरदोई ब्रांच नहर की सुरक्षा के लिए शासन की ओर से हर साल बजट जारी किया जाता है। इसमें नहर पटरी के साथ पुल की मरम्मत भी शामिल है। विभाग की ओर से झाड़ियों की सफाई और पुल की रंगाई-पुताई कराकर बजट को ठिकाने लगाने पर जोर दिया जाता रहा है।
वैकल्पिक मार्गों को खोला, पुलिस की ड्यूटी लगाई
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पूरनपुर और माधोटांडा क्षेत्र से आने वाले राहगीरों को डगा पुल के बजाय कलीनगर पुल से होकर पीलीभीत मार्ग पर नवदिया गांव के पास से गुजारा जा रहा है। यहां कार आदि छोटे वाहन तो गुजर जा रहे हैं मगर बड़े वाहनों को पीलीभीत के लिए भेजा जा रहा है। खटीमा से आने वाले बड़े वाहनों को झंकईया थाने के सामने से खटीमा नगर में होकर पीलीभीत के लिए भेजा जा रहा है।
ग्रामीणों का दावा -15 दिन पहले पड़नी शुरू हुई थी दरार, अभियंता बने रहे अंजान
कलीनगर। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि करीब 15 दिन पूर्व पुल पर दरारें पड़नी शुरू हुई थीं। पुल की चौथी डॉट दोनों तरफ ऊपर और नीचे से क्रेक हो रही थी। इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को भी हो गई थी, लेकिन अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। कई बार शिकायत के बाद शुक्रवार रात से यातायात रोका गया। संवाद
पूरी हो चुकी पुल की मियाद, जुगाड़ से चलाया जा रहा काम
वर्ष 1928 में हरदोई ब्रांच नहर शुरू हुई थी। पुल का निर्माण इससे पहले कराया गया था। बताया जा रहा है कि पुल वर्ष 1920 में ब्रिटिश काल के दौरान बनाया गया। पुल औसत आयु करीब 100 वर्ष मानी जाती है। इस तरह डगा पुल की आयु कुछ वर्ष पहले ही पूरी हो चुकी है। यह भी बताया जा रहा है कि हरदोई ब्रांच नहर के सभी पुलों की मियाद करीब पांच साल पूर्व ही समाप्त हो चुकी है। इसके बाद भी विभाग गंभीर नहीं हुआ और पुल पर आवागमन जारी रहा।
वर्जन
पुल पर दरारें पड़ने के बाद यातायात बंद कराया गया। सिंचाई विभाग के अभियंता स्थिति को परख रहे हैं। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। - देवेंद्र सिंह, एसडीएम कलीनगर
पुल पर दरारें पड़ने की जानकारी के बाद यातायात रोक दिया गया। रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। पुल क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। - अशोक पाल, इंस्पेक्टर, माधोटांडा
लोक निर्माण कराएगा पुल का निर्माण
सड़क लोक निर्माण विभाग की है। पुल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से कहा गया है। इस संबंध में विभाग को पत्र भी भेजा जाएगा। जिले में हरदोई ब्रांच नहर के दो पुलों का निर्माण चल भी रहा है।
- राजीव सिंह, एक्सईएन सिंचाई विभाग
पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर डगा पुल पर पड़ी दरार। संवाद
पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर डगा पुल पर पड़ी दरार। संवाद