पूरनपुर तहसील परिसर में धरना देकर प्रदर्शन करते भाकपा माले कार्यकर्ता।संवाद
पूरनपुर। तटबंध की मांग को लेकर भाकपा माले की गांव राहुलनगर में चल रही बेमियादी क्रमिक भूख हड़ताल बुधवार को 26वें दिन भी जारी रही। बुधवार को भाकपा (माले), अखिल भारतीय किसान महासभा के पदाधिकारियों ने नगर में जुलूस निकालकर तहसील में प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम को संबोधित ज्ञापन बाढ़ खंड के एसडीओ को सौंपा। एसडीओ ने बरसात से पूर्व तटबंध बनवाने के आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। आंदोलन की चेतावनी साथ 26 नवंबर को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
नगर की शेरपुर रेलवे क्राॅसिंग से भाकपा माले और कई बाढ़ पीड़ितों ने जुलूस निकाला। तहसील में जुलूस पहुंचकर धरने में बदल गया। धरना स्थल पर हुई सभा में भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी की सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि शारदा नदी चंदिया हजारा, राहुलनगर सहित क्षेत्र में सालों से तबाही मचा रही है।
सरकार को जनता से किए गए वायदे अब याद नहीं है। पीलीभीत ही नहीं शारदा नदी लखीमपुर में भी कहर बरपाती है। टाइगर, गैंडा प्रोजेक्ट आदि के नाम पर जंगल किनारे बसे लोगों को उजाड़ने की साजिश की जा रही है। जिला सचिव देवाशीष राय ने कहा कि समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
26 नवंबर को जिला मुख्यालय पर और जरूरत पड़ी तो लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा। सभा में सईद खां, देवीदयाल, रामभरोसे, छुन्नू खां, नगीना राम, प्रहलाद, जगदीश, सुशील आदि ने विचार रखे। संचालन अफरोज आलम ने किया। धरना प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन लेने पहुंचे नायब तहसीलदार को प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने से इन्कार कर दिया।
बाद में बाढ़ खंड के एसडीओ डीएन शुक्ला ने पहुंचकर ज्ञापन लिया। उन्होंने 15 सौ मीटर लंबे तटबंध के विस्तार के संबंध में प्रस्ताव को भेजने की जानकारी दी। ज्ञापन में धनाराघाट से खिरकिया बरगदिया तक तटबंध बनवाने, शारदा नदी में चल रहे चेनेलाइजेशन को पांच किलोमीटर तक कराने, नदी में समाई जमीन के बदले जमीन और फसलों का मुआवजा शीघ्र दिलाने की मांग की गई।