देश को बचाने की लड़ाई हमेशा जनता ने लड़ी: कविता कृष्णन
किसान आत्म हत्याएं कर रहे हैं, आक्सीजन के नाम पर बच्चों का नर संहार हो रहा
विभिन्न समस्याओं को लेकर भाकपा (माले) ने जुलूस निकाला और नेहरू पार्क में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान डीएम को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
भाकपा (माले) कार्यकर्ता स्टेशन के निकट एकत्र हुए और जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए नेहरू पार्क पहुंचे। पार्क में धरना देकर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए पोलित ब्यूरो की सदस्य कविता कृष्णन ने कहा कि देश को बचाने की लड़ाई हमेशा जनता ने लड़ी है, सरकारों ने नहीं। आज किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं, आक्सीजन के नाम पर बच्चों का नरसंहार हो रहा है। बाघ से किसानों की जानें जा रही हैं। लेकिन सरकार को इसकी चिंता नहीं है। वह तो वोटों का ध्रुवीकरण करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि म्यांमार की सरकार कह रही है कि यहां बौद्धों के सिवा कोई नहीं रह सकता और इसी केे तहत वहां रोहिंग्या मुस्लिमों का कत्लेआम हो रहा है। आरएसएस व भाजपा के लोग भी भारत को भी ऐसा ही बनाना चाहते हैं, लेकिन हम देशवासी ऐसा नहीं होने देंगे। रमा गैरोला की मौत पर उन्होंने कहा कि अपनी मर्जी से अंतर जातीय एवं अंतर धार्मिक विवाह करने के फैसले से उसके परिवार वाले खिलाफ थे और उन्होंने ही उसे जहर देकर मार दिया। उन्होंने इस मामले में रमा के घर वालों पर कार्रवाई की मांग की।
डीएम को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा को सौंपा गया। ज्ञापन में बाघ के हमले में मारे गए लोगों को 20-20 लाख मुआवजा देने, टाइगर प्रोजेक्ट को रद्द करने, पशु क्रूरता कानून को रद्द करने, किसानों के सभी कर्जे माफ करने, रमा गैरोला की मौत की सीबीसीआईडी से जांच कराने, कटान पीड़ितों को पुनर्वास व मुआवजा देने की मांग की गई। जुलूस और धरना प्रदर्शन में कृष्णा अधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशनलाल, अफरोज आलम, संजय शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, देवाशीष राय, सईद खां, कमलेश राय, हरदीप सिंह, अजय शम्शा, रामकांती पासवान, बाबूराम वर्मा, जितेंद्र, डॉ. मोहम्मद उमर आदि ने भी संबोधित किया।