पीलीभीत। कोरोना संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए उच्च न्यायालय ने जिला अदालतों में होने वाली भीड़ पर रोक लगा दी है। अब अदालतों में सिर्फ जमानत संबंधी अति आवश्यक कार्य ही होंगे। यदि किसी मुकदमे में गवाही होना बहुत जरूरी है तब वह जिला जज की अनुमति से लिखी जाएगी। उच्च न्यायालय का आदेश प्राप्त होते ही सोमवार को प्रभारी जिला जज अभिषेक कुमार पांडेय ने अग्रिम आदेश पारित कर दिए हैं।
उन्होंने उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों से सभी न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ता संगठनों को अवगत कराया है। आरोपियों का रिमांड अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा किया जाएगा। न्यायालयों में वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को कोट और गाउन पहनने से छूट दे दी गई है। आवश्यक कार्य निपटाने के बाद वकील अपने घरों को चले जाएंगे। वादकारियों को बेवजह जजी परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। जेल में बंद आरोपियों की जमानत अर्जी की सुनवाई भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा करने के लिए जिला जजी में एक अदालत तैयार की जा रही है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लाए गए आरोपियों के मामलों की सुनवाई के लिए रिमांड आदि की व्यवस्था के लिए प्रभारी जिला जज अभिषेक पांडेय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। न्यायालय परिसर का प्रतिदिन सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। यही आदेश जिले की आउटलाइन अदालत बीसलपुर पर लागू होगा।