यूं तो कहने को शहर के होटल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, लेकिन सभी में आग
से बचाव के इंतजाम न के बराबर हैं। प्रतापगढ़ में एक होटल में हुए
अग्निकांड के बाद शहर के होटलों का जायजा लिया गया तो इन सभी में आग से
बचाव के इंतजाम नाकाफी ही दिखे।
नेशनल बिल्डिंग कोर्ट ऑफ इंडिया
(एनबीसी) 2005 के मुताबिक होटलों में टेरेस टैंक, टेरेस पंप व कमरों के
बीच अग्निशमन यंत्र होने चाहिए, लेकिन अपने शहर के तमाम बड़े होटल मात्र
एक छोटे से अग्निशमन यंत्रों के सहारे ही काम चला रहे हैं। शहर मेें करीब
सात बड़े होटल हैं। इन होटलों में अगर आग से बचाव के इंतजामों पर नजर
दौड़ाई जाए तो इनमें अधिकतर होटल मात्र तीन से पांच किलो के अग्निशमन
यंत्रों से ही काम चला रहे हैं।
अगर इन अग्निशमन यंत्रों को भी देखा
जाए तो यह भी पूरी मात्रा में नहीं लगे हैं। कार्रवाई से बचने को इन
होटलों में प्रत्येक तल पर मात्र एक अग्निशमन यंत्र लगाकर ही काम चलाया जा
रहा है। जबकि मानक के अनुसार दो कमरों के बीच में एक अग्निशमन यंत्र लगा
होना चाहिए।
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ये दिखा हाल
शहर के थाना सुनगढ़ी के निकट स्थित
एक होटल का जायजा लेने टीम पहुंची तो वहां आगंतुक कक्ष के पास ही एक तीन
किलो का अग्निशमन यंत्र टंगा था। टीम ने जब होटल के ग्राउंड फ्लोर, पहली व
दूसरी मंजिल पर व्यवस्था दिखाने की बात कही तो मैनेजर बगले झांकने लगा। यही
नहीं उसने टीम को रोकते हुए बताया कि उसकी हर मंजिल पर दो-दो अग्निशमन
यंत्र लगे हैं, लेकिन जब नजर दौड़ाई गई तो हर मंजिल पर मात्र एक अग्निशमन
यंत्र नजर आया।
शहर के छतरी चौराहा स्थित एक होटल का जायजा लेने पहुंची
टीम को वहां मौजूद मैनेजर ने भीतर व्यवस्था का जायजा लेने जाने से रोका।
नजर दौड़ाने पर वहां भी पांच किलोवाट का एक अग्निशमन यंत्र लटका मिला।
कमोवेश यही स्थिति शहर के अन्य होटलों की रही। कुल मिलाकर देखा जाए तो आग
से बचाव के इंतजामों को लेकर होटल संचालक भी गंभीर नहीं है। तमाम सुविधाएं
देने की बात कहने वाले इन होटलों में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी ही है।
यह है मानक
एनबीसी
के मुताबिक बहुमंजिला होटल में दस हजार लीटर का टेरेस टैंक, 450 एलपीएम
(लीटर पर मिनट) का टेरेस पंप, ग्राउंड फ्लोर पर हौज ड्रिल आदि होना चाहिए।
हौज पाइप आदि की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
शहर में बहुमंजिला
होटल न के बराबर ही है। इनमें अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग किया जा रहा है।
हालांकि यह इंतजाम मानक पूरे नहीं करते, लेकिन अब जो नए होटल स्थापित किए
जा रहे हैं वह एनबीसी के मानक के अनुरूप ही बनाए जा रहे हैं।
- ब्रहमानंद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी