पीलीभीत। नगरपालिका में स्ट्रीट लाइट के चल रहे विवाद में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया। सभासद संजीव सक्सेना ने ब्लेड से अपने दाहिने हाथ की नस काट ली। बेहोशी की हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया है, जहां हालत खतरे से बाहर है। सभासद संजीव नगरपालिका की उस कमेटी में शामिल थे, जिसने जेम पोर्टल से खरीदी 1500 स्ट्रीट लाइटों का सत्यापन किया था। खरीद को लेकर विरोध जता रहे गुट के सभासदों ने सत्यापन के बदले आर्थिक लाभ लेने का आरोप लगाया था, जिससे संजीव परेशान हो गए थे।
शहर के मोहल्ला पूरनमल निवासी सभासद संजीव सक्सेना उर्फ संजू (45) पुत्र केके सक्सेना ने बृहस्पतिवार दोपहर घर पर ही शेविंग ब्लेड से नस काटी। सभासद के चीखने की आवाज सुनकर परिवार वाले उनके पास पहुंचे। पत्नी कंचन सक्सेना व परिजन ने उन्हें गांधी स्टेडियम रोड पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घटना का पता चलने पर आसपास के काफी लोग भी अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टरों ने बताया कि प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर है। उधर, सभासद के खुदकुशी की कोशिश करने का पता लगते ही नगरपालिका में हड़कंप मच गया। नगरपालिका का स्टाफ ओर ठेकेदार भी सभासद को देखने अस्पताल पहुंचे। वहां काफी देर तक हंगामा मचा रहा।
1500 स्ट्रीट लाइट खरीद विवाद से परेशान हैं सभासद संजीव
सभासद के नस काटकर खुदकुशी करने की कोशिश का मामला नगरपालिका में जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई 1500 स्ट्रीट लाइट के विवाद से जोड़कर बताया गया है। एक सभासद के मुताबिक संजीव सक्सेना उस कमेटी में शामिल थे, जिसने स्ट्रीट लाइटें खरीद का सत्यापन किया और लाइटों की खरीद ठीक बताई थी। पत्नी कंचन सक्सेना का आरोप है कि उनके पति सभासद संजीव सक्सेना कई दिनों से परेशान थे। नगरपालिका में स्ट्रीट लाइट खरीद के बाद उनके दूसरे सभासदों से मतभेद हो गए थे। एक सभासद उनके पति को प्रताड़ित करते हैं और उनका इस मुद्दे पर कुछ अन्य सभासदों के साथ गुट बना हुआ है। यह गुट खरीद में घपला बताकर कमिश्नर तक शिकायत कर चुका है। इस गुट के सभासद सत्यापन कर लाइट खरीद ठीक बताए जाने से संजीव सक्सेना खफा चल रहा है।
परिवार वालों का कहना है कि उनके होश में आने के बाद ही नस काटने की असली वजह पता चलेगी। सुनगढ़ी थाना से इंस्पेक्टर क्राइम नरेशपाल सिंह पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और परिवार वालों से घटना की जानकारी जुटाई। नगरपालिका में भी घटना के बाद हड़कंप मचा रहा। मामले में अभी कोई तहरीर न दिए जाने के कारण कार्रवाई नहीं हुई है। सुनगढ़ी थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि सभासद के नस काटने की सूचना उन्हें नहीं मिली, न ही कोई तहरीर देने आया है।