विभिन्न कैंपों के माध्यम से चयनित किए गए 182 विकलांगों के ऑपरेशन कर
उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिए शनिवार से जिला चिकित्सालय
में करेक्टिव सर्जरी कैंप शुरू होगा। इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गईं हैं।
केंद्रीय मंत्री मेनका संयज गांधी के प्रयासों से स्वामी विवेकानंद
पुनर्वास प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान कटक (ओड़िशा) की ओर से आयोजित इस
कैंप में ऑपरेशन के लिए देर सायं ओड़िशा के डाक्टरों की एक टीम भी यहां
पहुंच गई।
केंद्रीय मंत्री के पीआरओ रंजीत कुमार ने भी सीएमएस के साथ जिला
अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने आयोजित
प्रेसवार्ता में कहा कि जिले में विकलांगों को मुख्यधारा से जोड़ने का यह
प्रयास जारी रहेगा।
मेनका गांधी के पीआरओ ने बताया कि उड़ीसा के
चिकित्सकों ने चयनित 182 विकलांगों में से प्रथम चरण में 52 विकलांगों के
आपरेशन करने को कहा है, लेकिन केंद्रीय मंत्री ने उन्हें सभी चयनित
विकलांगों के आपरेशन करने के बाद ही लौटने को कहा है। उन्होंने बताया कि
आपरेशन के लिए शुक्रवार को अधिकांश विकलांगों ने अपने रजिस्ट्रेशन विकलांग
पुनर्वास केंद्र पहुंच कर करा लिए हैं।
वहां जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग
विशेषज्ञ डा. यूवी सिंह ने उनका परीक्षण कर आवश्य जांच आदि कराई है।
उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में द्वितीय तल के सभी वार्ड खाली करा
दिए गए हैं जहां मरीजों को आपरेशन के बाद रखा जाएगा। मरीजों के भोजन व उनके
तीमारदारों के भोजन की व्यवस्था भी की गई हैं। कैंप के दौरान किसी मरीज को
कोई असुविधा न हो इसके लिए वालिंटियर के रूप में 100 कार्यकर्ताओं की
ड्यूटी सरकारी व्यवस्थाओं के अलावा रहेगी। कैंप स्थल पर एक सहायता कैंप भी
लगाया जाएगा।
पूछताछ के लिए पूछताछ काउंटर भी अलग से रहेगा। उन्होंने देर
सायं सीएमएस के साथ जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
विकलांग
पुनर्वास केंद्र में पत्रकारों से वार्ता करते हुए रंजीत कुमार ने बताया
कि ओड़िशा के चिकित्सकों की ग्यारह सदस्यीट टीम वहां के मशहूर चिकित्सक डा.
एसके शाह की अगुवाई में काम करेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक
की जिम्मेदारी सुखवीर सिंह भदौरिया को तथा जिला प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल
को दी गई है। यह लोग भी पत्रकार वार्ता के समय मौजूद रहे।