तबीयत खराब होने पर पूरनपुर सीएचसी में कर्मचारी के चढ़ाई ड्रिप।
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पूरनपुर। कोरोना वैक्सीन लगने के बाद अचानक लैब सहायक की तबीयत बिगड़ने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। आनन फानन लैब सहायक को इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। करीब 15 मिनट बाद जब कर्मचारी को होश आया तो अफसरों ने राहत की सांस ली। इस दौरान कुछ देर टीकाकरण कार्य भी बाधित रहा।
पीएचसी जटपुरा के लैब सहायक पंकज मिश्रा का नाम भी पहले दिन होने वाले सौ लोगों के टीकाकरण की सूची में शामिल था। पूरनपुर सीएचसी पर करीब साढ़े 12 बजे पंकज मिश्रा को टीका लगाया गया। इसके बाद उन्हें निगरानी कक्ष में बैठा दिया गया। कक्ष में अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी टीका लगवाने के बाद बैठे हुए थे। तभी अचानक उन्हें बेचैनी और घबराहट होने लगी। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गए। उनकी तबीयत बिगड़ती देख कक्ष में मौजूद कर्मचारियों ने सूचना एमओआईसी को दी। आनन फानन में उन्हें स्ट्रेचर से इमरजेंसी वार्ड ले जाकर इलाज शुरू किया गया। स्वास्थ्य कर्मी के बेहोश होने पर सीएचसी पर खलबली मची रही। एमओआईसी ने मामले की सूचना सीएमओ को दी। इधर जानकारी मिलते ही अफसरों के हाथ पांव फूल गए। करीब 15 मिनट बाद लैब सहायक के होश में आने पर सभी ने राहत की सांस ली। कुछ कर्मचारी तो बिना वैक्सीन लगवाए ही लौट गए। अफसरों के समझाने के बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगवाया। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि कर्मचारी को वैक्सीन लगने से कोई दिक्कत नहीं हुई है। उसका ब्लड प्रेशर हाई होने से तबीयत खराब हुई थी। वैक्सीन सुरक्षित है। उसी वायल से अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी वैक्सीन लगाई गई है।
टीकाकरण न कराने वाले कर्मचारियों को वेतन रोकने की चेतावनी
टीकाकरण को लेकर कर्मचारी पहले दहशत में दिखाई दे रहे थे। कुछ कर्मचारियों ने विभागीय अफसरों को मोबाइल पर मेसेज करके बीमारी का बहाना भी बनाया, मगर अफसरों ने बहाना बनाने वाले कर्मचारियों को मेडिकल देने और टीकाकरण न कराने पर एक महीने का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
ओपीडी बंद रहने से भटकते रहे मरीज
टीकाकरण के चलते शनिवार को सीएचसी की ओपीडी बंद रही। इसकी सूचना मरीज और तीमारदारों को पहले नहीं दी गई थी। चिकित्सक और कर्मचारी भी परिसर में घूमते रहे, मगर मरीजों पर ध्यान नहीं दिया। सीएचसी पहुंचे मरीज और उनके तीमारदारों को भटकना पड़ा। करीब 150 मरीज दवाई न मिलने पर बैरंग हो गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रेम सिंह राजपूत ने बताया कि अधिकांश कर्मचारियों का टीकाकरण सूची में नाम था। इस कारण शनिवार को ओपीडी बंद रखी गई थी।