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कोरोना योद्धाओं की सैंपलिंग और स्क्रीनिंग पर नहीं ध्यान, मुश्किल न बढ़ा दे

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पीलीभीत। कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के लिए शासन-प्रशासन जुटा है। लोग भी अभी तक पिछली बार की अपेक्षा कम ही घरों से निकल रहे हैं। मगर स्वास्थ्य कर्मीं, पुलिस, नगरपालिका कर्मी समेत अन्य कोरोना योद्धा जोकि भीड़ के बीच रहकर कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। मगर उनकी स्क्रीनिंग और सैंपलिंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में उनके संक्रमित होने का भी डर बना हुआ है। संबंधित विभागों की यूनियन के पदाधिकारियों ने भी इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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कोरोना संक्रमण फैलने के बाद वीकेंड लॉकडाउन का चल रहा है। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए जिले भर में पुलिस फोर्स लगाई गई है। वहीं बार्डर पर हो रही सैंपलिंग में भी पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना जांच के प्रवेश न कर सके। इसके अलावा पूरे जिले को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों को संदिग्ध लोगों को स्क्रीनिंग और जांच के लिए लगाया गया। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए एल-2 कोविड अस्पताल बनाए गए हैं। जहां नियमित और संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई है, लेकिन यहां पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों और डॉक्टरों से लेकर फील्ड में ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी और नगरपालिका सफाई कर्मचारियों की स्क्रीनिंग तक नहीं कराई जा रही है। ऐसे में मुस्तैदी से कोरोना से जंग लड़ रहे यह कर्मचारी कहीं संक्रमण की चपेट में न आ जाए। पंचायत चुनाव के दौरान कई पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य और नगरपालिका के कर्मचारी संक्रमण की चपेट में भी आ चुके हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन योद्धाओं पर कोई ध्यान नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी - 07
डॉक्टर - 39
संविदा कर्मचारी - 748
नियमित कर्मचारी - 494
आशाएं-आंगनबाड़ी- 1900
पुलिस कर्मी - 1900
पुलिस अफसर - 06
नगरपालिका सफाई कर्मचारी - 300
स्वास्थ्य कर्मियों को मुहैया नहीं हो रहे बचाव के संसाधन
यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री का कुंवर हीरेश सरन सक्सेना का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी स्वास्थ्य कर्मी जान जोखिम डालकर अपनी नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें वायरस से बचाव वाले संसाधन भी पर्याप्त मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं। इसके लिए प्रमुख सचिव को पत्र भी भेजा गया है। इस पर ध्यान देना चाहिए।
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प्रत्येक कर्मचारी को मिले किट और कराई जाए स्क्रीनिंग
महार्षि वाल्मीकि सेना अटल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल वाल्मीकि ने बताया कि कोरोना महामारी में नगरपालिका के सफाई कर्मचारी जान खतरे में डालकर काम कर रहे हैं। ऐसे में विभाग को उन्हें पीपीई किट, ग्लब्स, मास्क सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई जानी चाहिए। ताकि वह अपना बचाव कर सके। समय-समय पर सभी की स्क्रीनिंग कराई जाए। साथ ही कर्मचारियों के लिए इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था करना चाहिए। इस संकट काल में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का बीमा करना चाहिए।
कोविड अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टर और स्टॉफ की स्क्रीनिंग और परीक्षण कराया जाता है। फिलहाल अभी पुलिस कर्मी और सफाई कर्मी या अन्य किसी कर्मचारी की स्क्रीनिंग परीक्षण नहीं कराया गया है। मरीजों की तादाद बढ़ने के कारण समस्या आ रही है। लोगों को जागरूक होना चाहिए। किसी भी तरह की समस्या लगने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श लेकर जांच अवश्य कराएं। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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