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सप्ताह में दो दिन के लॉकडाउन से भी कोरोना बेअसर ..तेजी से बढ़े मरीज

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पीलीभीत। सरकार ने कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार रोकने के लिए सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन लागू किया था। इसका मकसद यह था कि शायद कोरोना मरीजों की बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लगे। मगर, इससे कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिलहाल बेअसर है। जिस तेजी से कोरोना केस बढ़ रहे हैं, उसे देखकर तो लगता है कि आने वाले दिनों में स्थिति ज्यादा खरतनाक हो सकती है। पिछले एक सप्ताह में 256 नए कोरोना केस मिलने से आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। कुछ लोग तो संपूर्ण लॉकडाउन की बात भी कहने लगे हैं, मगर दूसरे लोगों का तर्क है कि जब कोरोना को रोकने में लॉकडाउन बहुत असरकारी नहीं है तो फिर इसका समाधान तो वैक्सीन ही है और उसी का इंतजार करना पड़ेगा।
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जुलाई में वीकेंड लॉकडाउन तीन बार हो चुका है। सरकार की सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन लगाने के पीछे मंशा थी कि इससे संक्रमण की चेन टूटेगी और कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आएगी। मगर, आंकड़ों के हिसाब से देखें तो जब से सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन लगा है, तब से इसका असर ठीक उल्टा दिखाई दे रहा है। जुलाई में कोरोना केसों की संख्या पर नजर डाले तो छह जुलाई से 10 जुलाई के बीच 31 कोरोना संक्रमित केस पाए गए थे। पहले वीकेंड लॉकडाउन में 11 और 12 जुलाई को दो दिन में पांच नए केस सामने आए। इसके बाद अगले हफ्ते यानी 13 जुलाई से 17 जुलाई के बीच मात्र चार दिनों में 17 नए कोरोना मिले। दूसरे वीकेंड लॉकडाउन में 18 और 19 जुलाई को कोरोना केसों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई। इसमें दो दिन के भीतर कोरोना के 16 नए के सामने आए।
पिछले सप्ताह में रिकॉर्ड तोड़ 256 केस बढ़े
जनपद में दो बार वीकेंड लॉकडाउन के बाद भी कोरोना संक्रमण के केसों में कमी आना तो दूर की बात, मरीजों की संख्या बेतहाशा तरीके से बढ़ गई। पिछले सप्ताह रिकॉर्ड तोड़ केस सामने आए। 20 जुलाई से लेकर 24 जुलाई के बीच यानी केवल पांच दिन में कोरोना मरीजों के 218 नए केस सामने आए। जबकि तीसरे वीकेंड लॉकडाउन के दौरान 25 जुलाई को 33 और 26 जुलाई शाम छह बजे तक पांच नए कोरोना संक्रमित पाए गए। कुल मिलाकर बीते एक सप्ताह में 256 नए कोरोना केस पाए गए।
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नियम कायदे होंगे दरकिनार तो संक्रमण बढ़ेगा ही
कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रत्येक सप्ताह शनिवार और रविवार को लॉकडाउन की घोषणा की, मगर इसका पालन बीते संपूर्ण लॉकडाउन की तरह नहीं रहा। सड़कों पर दो और चार पहिया वालों पर रोकटोक नहीं देखी गई। हालांकि प्रमुख चौराहा और मार्गों पर पुलिस रोकटोक कर रही है, मगर कोई दवा का बहाना बनाकर तो कोई जरूरी काम होने की बात कहकर आवागमन कर रहा है। प्रशासन द्वारा जारी किए आदेश के मुताबिक प्रत्येक दुकान पर आने वाले ग्राहकों की थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए, मगर, इक्का दुक्का दुकानों को छोड़ दें तो अधिकांश के पास थर्मल स्कैनर ही नहीं है। इसमें जितनी दोषी सरकारी मशीनरी है और उससे कहीं ज्यादा दोषी आम पब्लिक भी है। यदि ऐसा ही हाल रहा तो लोगों को एक बार फिर संपूर्ण लॉकडाउन का दंश झेलना पड़ सकता है।
कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी से जुटा है। सर्विलांस टीमें भी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर सर्वे कर रही हैं। जनता को भी जागरूक होने की जरुरत है। जनता के सहयोग से ही कोरोना से जंग जीती जा सकती हैे। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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