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संक्रमण की दूसरी लहर में ही 115 बच्चों में मिल चुका है कोरोना संक्रमण

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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर शुरू होने से पहले ही दूसरी लहर में ही 115 बच्चे कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। हालांकि अधिकांश बच्चे कोरोना से जंग जीत गए। अब तीसरी लहर को बच्चों के लिए खतरनाक बताया जा रहा है। ऐसे में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए विशेष ध्यान देना होगा।
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जिले में पिछले साल मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई थी। तब से लेकर आज तक 10389 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें शून्य से लेकर 10 साल तक की आयु वाले बच्चों की संख्या 275 है। संक्रमण की दूसरी लहर में जनवरी से अब तक 115 बच्चे कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा छह और आठ साल के बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इसके फैलने की वजह परिवार के बड़े सदस्य हैं। उनके माध्यम से ही संक्रमण बच्चों तक पहुंच रहा है। इनमें अधिकांश बच्चे वह जिनकी इम्युनिटी पावर कम है या फिर पहले बीमार चल रहे हैं। विशेषज्ञ दूसरी लहर के बीच तीसरी लहर आने की चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अमले की तीसरी लहर को लेकर कोई भी रणनीति नहीं बन सकी है। तैयारियां तो दूर की बात है, इसलिए अगर बच्चों को सुरक्षित रखना है, तो पहले अभिभावकों को जागरुक होना पड़ेगा। तभी बच्चों को सुरक्षित रख सकेंगे। कोविड नियमों का पालन खुद भी करें और दूसरों को बताएं।
बच्चों की ढाल है उनकी इम्युनिटी
बच्चों की मजबूत रोग प्रतिरोधक शक्ति कोरोना को हरा रही है। छोटे बच्चों की इम्युनिटी बुजुर्गों और युवाओं से कहीं अधिक मजबूत होती है। 99 फीसदी बच्चे होम आइसोलेशन में ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं। अभिभावक बाहर से घर लौटें तो बच्चों से मिलते वक्त सावधानी बरतें। बच्चा अगर एक-दो साल का है तो उसे बाहरी लोगों से दूर रखें। साथ ही उसे खाने के लिए ताजे फल आदि का सेवर कराएं। - डॉ. रमाकांत सागर फिजिशियन जिला पुरुष अस्पताल
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बच्चों में ये हो सकते हैं लक्षण
- बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, सूंघने की क्षमता में कमी आना।
- नाक बहना, मांसपेशियों में तकलीफ, गले में खराश।
- कुछ बच्चों को दस्त, उल्टी और पेट दर्द भी हो सकता है।
ऐसा है तो तत्काल डॉक्टर के पास जाएं
- बच्चे को यदि पांच दिन से अधिक बुखार है, ज्यादा उल्टियां और दस्त हो रहे हैं, शरीर पर लाल दाने पड़ गए, आंख में लाली है तो देर न करें, तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।
अब तक जो बच्चें संक्रमित मिले हैं। वह अब लगभग ठीक हो चुके हैं, तीसरी लहर को लेकर तैयारियां चल रही है। साथ ही बच्चों को घर के बाहर न भेजें। साथ ही रोजाना एक गुब्बारा उन्हें फूलाने को दें, ताकि उनके लंग्स की एक्सरसाइज हो सके। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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